लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आदि गंगा गोमती में आस्था की डुबकी

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रिपोर्ट प्रमोद यादव सुल्तानपुर।लंभुआ /सुल्तानपुर गंगा दशहरा के अवसर पर आसपास के जनपदों से आदि गंगा गोमती के तट पर स्थित धोपाप धाम में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, ऐसी मान्यता है कि लंका विजय के पश्चात भगवान श्री राम जब अयोध्या वापस आ रहे थे तो ब्रह्म हत्या पाप से मुक्ति पाने के लिए पावन गोमती नदी के इसी तट पर स्नान किए थे, कहा जाता है कि यहां पर स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है, तभी से यह स्थल धोपाप नाम से जाना जाता है, प्रत्येक वर्ष जेष्ठ मास की दशमी तिथि को यहां पर बड़ी संख्या में लोग स्नान दान करके पाप से मुक्ति और पुण्य अर्जित करने की इच्छा से धाम में पहुंचते हैं, मेले में जगह जगह समाजसेवी द्वारा शरबत पानी और प्रसाद वितरित किया जा रहा था मेले में किसी भी प्रकार की अनहोनी ना हो जिसके लिए एसडीआरएफ की टीम भी लगाई गई थी।

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मेले में एक महिला की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई जानकारी के अनुसार गायत्री सिंह पत्नी विरेंद्र प्रताप सिंह उम्र लगभग 60 वर्ष निवासी प्रतापगढ़ नहाने के पश्चात मंदिर की सीढ़ी पर बैठी थी जहां पर हार्ट अटैक आने से मौके पर ही मौत हो गई जिन्हें एंबुलेंस द्वारा हॉस्पिटल भेजा गया।

 

कहीं किसी भी प्रकार की अव्यवस्था ना हो ऐसे में पुलिस, प्रशासन, डॉक्टर, फायर बिग्रेड आदि की टीम लगातार निरीक्षण कर रही थी, बावजूद चैन स्नैकिंग की दो घटनाएं सामने आई जिनमें से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

 

बगल में ही राम जानकी मंदिर स्थित है, जहां पर भगवान श्री राम माता सीता लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है, भक्त स्नान दान करने के पश्चात दर्शन करते हैं, मंदिर के पुजारी राम अछैवर उपाध्याय ने बताया कि जब भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या वापस आ रहे थे, तो उन्हें ब्रह्म हत्या का पाप लगा था पाप से मुक्ति के लिए उन्होंने अपने गुरु से उपाय पूछा था, तो गुरु ने बताया था कि गंगा गोमती के तट पर स्नान दान करने से पाप से मुक्ति मिल जाएगी। ऐसे में भगवान श्रीराम ने यज्ञ किया उसके पश्चात गुरु ने बताया कि आपके बचपन का मित्र काला कौवा जहां पर स्नान करने के पश्चात सफेद हो जाएगा वहीं पर आपको पाप से मुक्ति मिल जाएगी काला कौवा धोपाप में स्नान करने के पश्चात सफेद हो गया था यहीं पर भगवान श्री राम ने स्नान दान करके पाप से मुक्ति पाए थे, पुजारी ने बताया कि यहां पर स्नान करने के लिए सभी प्रांतों से लोग आते हैं

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