भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव (इफ्फी) अपने हर संस्करण में उन दिग्गजों को श्रद्धांजलि देता है जिन्हें फ़िल्म जगत ने खो दिया। 52वें इफ्फी का होमेज सेक्शन उन दिग्गजों को सलाम करेगा जिन्हें हमने हाल के वक्त में खो दिया है। इस महोत्सव में बर्ट्रेंड टैवर्नियर, क्रिस्टोफर प्लमर, जॉन-क्लॉड कैरिऐर और जॉन-पॉल बेलमोंडो की फिल्में दिखाई जाएंगी।

 

52वां इफ्फी अपने होमेज सेक्शन में निम्नलिखित फिल्मों का प्रदर्शन करेगाः

 

बर्ट्रेंड टैवर्नियर

फ़िल्म – अ संडे इन द कंट्री

 

निर्देशक – बर्ट्रेंड टैवर्नियर

 

देश / साल / भाषा / अवधि: फ्रांस | 1984 | फ्रेंच | 90 मिनट | रंगीन

 

कहानी: लैडमिरल एक बुजुर्ग और विधुर पेंटर हैं जो पेरिस के बाहर एक बड़ी सी जागीर में रहते हैं। एक बार उनका बेटा गोंजाग उनसे मिलने आता है। तब लैडमिरल संकेत देते हैं कि गोंजाग जीवन में कुछ ज्यादा ही संतुष्ट है और वे कामना करते हैं कि वो कुछ-कुछ अपनी जिंदादिल, उन्मुक्त बहन आइरीन की तरह हो। लैडमिरल भी कुछ उन्मुक्त सा होना चाहता है और जब आइरीन भी वहां आती है, तो परिवार के सदस्यों के बीच तनाव कुछ बढ़ जाता है।

 

क्रिस्टोफर प्लमर

फ़िल्म – ऑल द मनी इन द वर्ल्ड

 

निर्देशक – रिडली स्कॉट

 

देश / साल / भाषा / अवधि: अमेरिका, ब्रिटेन | 2017 | अंग्रेज़ी | 135 मिनट | रंगीन

 

कलाकारः क्रिस्टोफर प्लमर, मिशेल विलियम्स, मार्क वॉलबर्ग, रोमेन ड्यूरिस, चार्ली प्लमर

 

कहानीः ये फ़िल्म 16 साल के जॉन पॉल गेटी-3 के अपहरण के इर्द गिर्द घटती है। कैसे उसकी मां गेल उसके अरबपति दादा गेटी सीनियर (क्रिस्टोफर प्लमर) को फिरौती देने के लिए मनाने के लिए बेतहाशा कोशिशें करती है। लेकिन दादा मना कर देते हैं। जब उसके बेटे की जिंदगी यूं हवा में झूल रही होती है तो गेल और गेटी सीनियर का सलाहकार (मार्क वॉलबर्ग) वक्त के खिलाफ इस दौड़ में असंभावित सहयोगी बन जाते हैं। और अंत में पैसे से ज्यादा प्यार की सच्ची और स्थायी कीमत प्रकट होती है।

 

जॉन-क्लॉड कैरिऐर

फ़िल्म – ऐट इटर्निटीज़ गेट

 

निर्देशक – जूलियन श्नाबेल

 

स्क्रीनप्लेः जॉन-क्लॉड कैरिऐर,लुईज़ कुगेलबर्ग, जूलियन श्नाबेल

 

देश / साल / भाषा / अवधि: अमेरिका, फ्रांस | 2018 | अंग्रेज़ी, फ्रेंच | 110 मिनट | रंगीन

 

कहानीः ये फ़िल्म विन्सेंट वॉन गॉग के चित्रों पर आधारित दृश्यों, उनके जीवन की ऐसी घटनाओं को लेकर आम सहमति जिन्हें तथ्यों, अफवाहों की तरफ परोसा जाता है और कुछ ऐसे दृश्यों का एक संग्रह है जो कि पूरी तरह काल्पनिक हैं। कला की निर्मिति दरअसल एक ऐसी सुडौल काया गढ़ने का मौका देता है जो जीने की वजह व्यक्त करती है। वॉन गाग के जीवन से जुड़ी तमाम हिंसा और त्रासदी के बावजूद, उनका जीवन ऐसा था जो जादू भरा, प्रकृति के साथ गहरे संचार और हमारे होने के आश्चर्य से समृद्ध था। वॉन गॉग का काम अंततः आशावादी है। उनका बेहद खास नजरिया यूं है जिसकी धारणा और विजन, दिखती और भौतिक चीजों को ऐसा बनाते हैं जिन्हें बयां नहीं किया जा सकता है।

 

जॉन-पॉल बेलमोंडो

फ़िल्म – ब्रेथलेस

 

निर्देशक – जॉन लूक गोदार

 

देश / साल / भाषा / अवधि: फ्रांस | 1960 | फ्रेंच | 90 मिनट | रंगीन

 

कलाकारः जॉन-पॉल बेलमोंडो, जॉन सेबर्ग, डैनियल बूलोंजे़

 

कहानीः मिशेल एक छोटा-मोटा चोर है। वो एक कार चुराता है और उससे गैर-इरादतन एक पुलिसवाले की हत्या हो जाती है। इसलिए वो फरार होने की एक योजना बनाता है ताकि इटली में छुप जाए और इसके लिए वो अपनी प्रेमिका पेट्रिशिया को मनाता है कि वो भी उसके साथ चले।

Google search engine
Previous articleअभिनेत्री कंगना रनौत का बयान उसकी मानसिक दिवालियापन का परिचायक है – अवनीश तीर्थराज सिंह
Next articleआर्थिक मामलों की मंत्रिमण्‍डलीय समिति (सीसीईए) ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-I, पीएमजीएसवाई-II और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलडब्ल्यूईए)को जारी रखने की मंजूरी दी