जिले में वृक्षारोपण का लक्ष्य 10 अगस्त तक प्राप्त कर लें : जिलाधिकारी

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वाणीश्री न्यूज़, हाजीपुर। जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा के द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में जल-जीवन-हरियाली, मनरेगा, पीएम आवास एवं अपशिष्ट प्रबंधन में प्रगति समीक्षा की गयी और निदेश दिया गया कि जिले वृक्षारोपण का लक्ष्य 10 अगस्त तक प्राप्त कर लिया जाय ।

समीक्षा में पाया गया कि वैशाली जिला को 2022-23 में 567600 वृक्षारोपण का लक्ष्य प्राप्त है जिसके विरुद्ध
अभी तक 133560 वृक्ष लगाये गये हैं। उप विकास आयुक्त के द्वारा बताया गया कि वैशाली जिला के प्रत्येक पंचायत में 11 यूनिट अर्थात 2200 वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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जिलाधिकारी के द्वारा सबसे अच्छा और सबसे कम कार्य करने वाला प्रखंड के बारे में पूछा गया। इस पर उप विकास आयुक्त ने बताया कि चेहराकला में 26400 वृक्षारोपण के विरूद्ध 18000 वृक्ष लगाया गया है जिसकी उपलब्धि 68 प्रतिशत है जो जिला में सर्वाधिक है।
गोरौल 58 प्रतिशत उपलब्धि के साथ दूसरे स्थान पर है वही महनार में मात्र 9 प्रतिशत की उपलब्धि पर नाराजगी
प्रकट की गयी और वहाँ के पीओ (मनरेगा) से स्पष्टीकरण करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा भगवानपुर प्रखंड के पीओ से वृक्षारापण का भौतिक सत्यापन करने के विषय में पूछ-ताछ की गयी।

उन्होंने बताया के अभी तक सात स्कीम का सत्यापन किया गया है। वहाँ पर कुल 103 स्कीम ली गयी है। मात्र सात स्कीम की वेरीफिकेशन पर नराजगी प्रकट की गयी और सभी पीओ को योजनाओं की भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। जिला अभियंता (मनरेगा) एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (मनरेगा) को भी योजनाओं की सत्यापन का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जो वृक्षारापण किया जा रहा है उसका मार्किंग एवं जीओटैगिन करा ली जाय।

अमृत सरोवर की समीक्षा के क्रम में उप विकास आयुक्त ने बताया कि अभी तक 22 सरोवरों को पूर्ण कराया गया है। कुल 88 का लक्ष्य प्राप्त था जिसमें अभी तक 61 पर कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी के द्वारा सभी तालाबों को 15 अगस्त के पहले पूर्ण करा लेने का निर्देश दिया गया। अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के विषय में उप विकास आयुक्त ने बताया कि 39 जगह इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गयी हैं और 17 जगहों पर इसके निर्माण का कार्य चल रहा है। अभी दो पंचायतों में यह कार्य पूर्ण हो गयी है जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसका विधिवत् उद्घाटन भी करायी जाय।

मनरेगा की समीक्षा में बताया गया कि अभी 28699 श्रमिक कार्य पर लगाये गये हैं जिसमें सबसे अधिक जन्दाहा प्रखंड में 2981, भगवानपुर में 2681, महुआ में 2611 तथा राजापाकड़ प्रखंड में 2370 श्रमिक लगाये गये है। जबकी देसरी प्रखंड में 430 तथा चेहराकला में 901 सबसे कम श्रमिक कार्यशील है। जिलाधिकारी के द्वारा मानदेय भुगतान समय पर करने के विषय में पूछने पर बताया गया कि 93 प्रतिशत भुगतान समय पर किया जा रहा है।

पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस के विषय में बताया गया कि 2021-22 में कुल 44793 का लक्ष्य के विरुद्ध 19080 आवास अभी तक पूर्ण कराया गया है। कुल लक्ष्य के विरूद्ध 43267 आवास की स्वीकृति दी गयी थी। जिसमें 38842 लाभुकों को प्रथम किस्त 31553 लाभुकों का द्वितीय किस्त तथा 12849 लाभुकों को तीसरी किस्त की राशि दी गयी है। आवासों की पूर्णता के आधार पर वर्तमान में वैशाली जिला बिहार में प्रथम स्थान बनाये हुए हैं।

बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त श्री चित्रगुप्त कुमार, निदेशक डीआरडीए श्री संजय कुमार नेराला, जिला अभियंता (मनरेगा), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) और सभी कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।
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