बिदुपुर प्रखण्ड जदयू ने जननायक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का किया आयोजन

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वाणीश्री न्यूज़, बिदुपुर।बिदुपुर प्रखण्ड जदयू कार्यालय कर्पूरी सभागार शीतलपुर कमालपुर में प्रखण्ड अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद मुकेश के नेतृत्व में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की पुण्यतिथि समारोह का अयोजन किया गया ! जननायक के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए श्री मुकेश ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सच्चे समाजवादी और गरीबों के मसीहा थे, भारत के स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ तथा बिहार राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार वे बिहार के मुख्य्मंत्री रहें ! लोगों के बीच लोकप्रियता के कारण उन्हें जननायक कहा जाने लगा !
अनिल कुमार चौरसिया ने अपने संबोधन में कहा कि कर्पूरी ठाकुर जननायक के साथ साथ सरल और सरस हृदय के राजनेता माने जाते थे ! सामाजिक रूप से पिछड़ी किन्तु सेवा भाव के महान लक्ष्य को चरितार्थ करती नाई जाति में जन्म लेने वाले इस महानायक ने राजनीति को भी जन सेवा की भावना के साथ जिया ! कर्पूरी ठाकुर सदा गरीबों के अधिकार के लिए लड़ते रहें ! मुख्य्मंत्री रहते उन्होंने पिछड़ों को सताइस प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया ! उनका जीवन लोगों के लिए आदर्श से कम नहीं है।

गजेन्द्र भगत चौरसिया ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर दूरदर्शी होने के साथ ओजस्वी वक्ता भी थे, आजादी के समय पटना के कृष्णा टॉकीज हॉल में छात्रों को सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने क्रांतिकारी भाषण दिया कि ” हमारे देश को आबादी इतनी अधिक है कि केवल थूक देने से अंग्रेजी राज बह जाएगा।  इस भाषण के कारण उन्हें दंड भी झेलनी पड़ी थी !
1977 में कर्पूरी ठाकुर ने बिहार के वरिष्ठतम नेता सत्येन्द्र नारायण सिन्हा से नेता पद का चुनाव जीते और बिहार के दो बार मुख्यमंत्री पद को सुशोभित किया ! यह बातें धर्मवीर ठाकुर ने अपने संबोधन में कही ।

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पूर्व जिला पार्षद प्रत्याशी मोनी सिंह ने अपनी संबोधन में कही कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया इनके राजनीतिक गुरु थे, रामसेवक यादव एवं मधुलिमये जैसे दिग्गज साथी वहीं नीतीश कुमार, राम विलास पासवान, लालू प्रसाद यादव और सुशील कुमार मोदी के राजनीतिक गुरु भी थे कर्पूरी ठाकुर।

निरशन ठाकुर ने कहा कि कर्पूरी जी का वाणी पर कठोर नियंत्रण था। वे भाषा के कुशल कारीगर थे। बाजितपुर सैदात के सरपंच धर्मेन्द्र चौरसिया ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी जब भाषण देते थे तो उनका भाषण आडंबर रहित, ओजस्वी, उत्साहवर्धक तथा चिंतनपरक होता था।

पूर्व जिला पार्षद संतोष कुमार निराला ने कहा कि कर्पूरी जी कड़वा से कड़वा सच बोलने के लिए वे इस तरह के शब्दों और वाक्यों को व्यवहार में लेते थे, जिसे सुन कर प्रतिपक्ष तिलमिला उठता था, लेकिन यह नहीं कह पाता था कि कर्पूरी जी ने उसे अपमानित किया है।
सैयद अबु जैद उर्फ जैद सुगम जी ने कर्पूरी जी के बारे में कहा कि ऐसे महानायक सदी में कोई होता है वही बातें हमारे जननायक कर्पूरी ठाकुर जी में थी। इन्होंने कभी भी अपने पद पर अभिमान नहीं किया सदैव सादा जीवन जीते रहें।

पुण्यतिथि समारोह में मुख्य रूप से राजेश्वर प्रसाद मुकेश, अनिल कुमार चौरसिया, गजेन्द्र भगत चौरसिया, धर्मवीर ठाकुर, मोनी सिंह, धर्मेन्द्र चौरसिया, सैयद अबु जैद उर्फ जैद सुगम, बालेश्वर राय, संतोष कुमार निराला, निरशन ठाकुर, विशेश्वर राय, ललित कुमार भारद्वाज, ध्रुव नारायण चौधरी, अनिल कुमार, ललन झा, महेश प्रसाद सिंह उर्फ़ पप्पू सिंह, कृष्ण कुमार महतो, शत्रुघ्न साह गोंड, प्रदीप पंडित, उजाला गौरव, सुरेश राय, उमेश राय, बिनोद कुमार निराला, सत्यानारण सिंह, सत्यप्रकाश, विजय ठाकुर, चन्द्र देव राय, संजय कुमार झा, चन्दन कुमार पाण्डेय, मनोज कुमार साह, धर्मनाथ चौधरी, निखिल कुमार राजा, रामबाबू साह, संतोष कुमार ठाकुर, सन्नी कुमार, गुलू कुमार, अभिनंदन कुमार सिंह उर्फ़ बच्चा बाबू, रवि यादव, मयंक कुमार, अवध किशोर चौरसिया, विशाल कुमार, अभिषेक कुमार, रूपेश यादव, छोटू कुमार, कुणाल कुमार, गौतम कुमार, राहुल कुमार, उज्जवल कुमार, इन्द्र देव सिंह आदि ने जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दिया !

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