वाणीश्री न्यूज़, वैशाली। कुछ कर दिखाने का जज्बा जब चढ़ता है तो इंसान रुके नहीं रुकता है । हिम्मत करके पसीना बहा के अपने सपनों के लिए बस लड़ता और मेहनत करता है। उसके हौसलों के आगे मुसीबतें भी छोटी लगती हैं। हममें से बहुत से लोग जब नए सपने देखने की कोशिश करते हैं तो बहुत से सवाल हमारे दिमाग में आते हैं और बहुत सारे लोग भी सवालों का जखीरा खड़ा कर देते हैं। आस पास के लोगों के सवाल जबाब को अनदेखा करते हुए जो आगे बढ़ जाता है जीत उसी की होती है। कम संसाधनों में भी लोग आगे बढ़ जाते है और उन्हें मंज़िल पाने से कोई नही रोक पाता है।

ऐसा ही वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड अंतर्गत बिदुपुर की खुशी ने कर दिखाया है जिसे लगातार तीसरी बार अपनी मेहनत और जुनून की बदौलत बिहार के अंदर-19 क्रिकेट टीम में चयन किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र मोहनपुर में पिता प्रकाश रंजन और माता शोभा सिंह के घर जन्मी और पली बढ़ी खुशी का बचपन से ही क्रिकेट के प्रति काफी रुचि रहा है। पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट खेलना उसकी जिंदगी में रोजाना का हिस्सा हो गया था। इसी बीच 2019 में आए कोरोना और फिर लॉकडाउन ने एक और सबों की जिंदगी को बर्बाद कर रखा था वही यह लॉकडाउन खुशी के लिए वरदान साबित हुआ।

लॉकडाउन होने के कारण विद्यालय के बंद होने पर खुशी अपना पूरा समय क्रिकेट को दे दिया और दिनभर प्रैक्टिस करती रहती थी। बातचीत करने के दौरान खुशी ने बताया कि क्रिकेट के प्रति रुचि को देखते हुए उसके बड़े भैया मुकुल ने उसका काफी साथ दिया। उसने खुद क्रिकेट का ग्राउंड बनाया जिससे खुशी अपने भैया के साथ लगातार प्रैक्टिस करती रही। जिसके बाद उसे पहली बार तब सफलता मिली जब उसे 20 सितंबर 2021 को स्टेट को रिप्रेजेंट करने का मौका मिला। इसके बाद लगातार वह प्रेक्टिस जारी रखी और अगले वर्ष ही खुशी को सीनियर वूमेंस वनडे ट्रॉफी में रिप्रेजेंट करने का मौका मिला।

इसके बाद भी मेहनत लगातार जारी रहा और रंग भी लाया। इस साल यानी 2023 अक्टूबर में अंदर-19 वूमेनस वनडे ट्रॉफी के लिए उसका सलेक्शन हो गया। सिलेक्शन होने से उनके परिवार और आसपास के लोगों में काफी खुशी है। साथ ही साथ यह बिदुपुर के लिए भी बहुत बड़ी बात है। इन सब का श्रेय खुशी अपने भैया मुकुल को देती है। उसने कहा कि मुकुल भैया का मेहनत आज रंग लाया है। वह खुद बहुत अच्छे बैट्समैन है। उनसे लगातार सीखने को मिला और किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आई। अगर सब अच्छा रहा तो वूमेंस प्रीमियर लीग में भी जगह मिल सकता है और आगे इंडियन टीम में भी अगर इसी प्रकार मुकुल भैया का साथ रहे। क्योंकि उन्हें की देखरेख में वह प्रैक्टिस करती है और फिटनेस भी वही देखते हैं खुशी मुकुल भैया को मैटर कोच और आइडियल मानती हैं बता दे की खुशी लेफ्ट हैंडेड बैट्समैन है।

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