बीपीएस कॉलेज को साइंस व कॉमर्स के पास एवं प्रतिष्ठा विषयों में भी मिला स्थायी संबंधन

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वाणीश्री न्यूज़, हाजीपुर। देसरी स्थित वीरचंद पटेल स्मारक महाविद्यालय को राज्य सरकार की ओर से कला, विज्ञान एवं वाणिज्य के पास एवं प्रतिष्ठा विषयों में स्थाई संबंधन मिल गया है। महाविद्यालय के स्थापना काल के बाद कला संकाय के 10 विषयों में पास एवं प्रतिष्ठा स्तर का स्थायी संबंधन प्राप्त था। सत्र 2021-24 में कला के अन्य 6 विषय के अलावा विज्ञान और वाणिज्य संकाय में राज्य सरकार ने स्थाई संबंधन दे दिया है। कला संकाय के अन्य नए 6 विषयों के साथ विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय में स्थायी संबंधन के लिए विश्वविद्यालय निरीक्षण कमेटी द्वारा अनुशंसा के आलोक में सिंडीकेट और सीनेट से इस महाविद्यालय को स्थाई संबंध की अनुशंसा राज्य सरकार के पास भेजी गई थी। राज्य सरकार की ओर से 15 जुलाई 2022 को विधिवत अधिसूचना जारी कर सत्र 2022-25 से इस महाविद्यालय को पास एवं प्रतिष्ठा विषयों में स्थाई संबंधन प्रदान कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार कला संकाय में छह नए विषयों प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, संगीत, उर्दू, पर्सियन, मैथिली एवं संस्कृत, विज्ञान संकाय में पांच विषयों भौतिकी, रसायन, वनस्पति शास्त्र, जंतु विज्ञान एवं गणित तथा वाणिज्य संकाय में चार विषयों एकाउंटेंसी, कारपोरेट एडमिनिस्ट्रेशन, बिजनेस इनवायरमेंट एवं बिजनेस फाइनेंस में स्थायी संबंधता प्रदान की गई है।

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प्रभारी प्राचार्य डाॅ राजीव कुमार ने बताया कि वीपीएस काॅलेज ग्रामीण परिवेश में उच्च शिक्षा के लिए बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर को एकमात्र डिग्री कॉलेज है। उन्होंने कहा कि इन विषयों में संबंधन मिलने से दूरदराज के ग्रामीण बच्चों को डिग्री स्तर की शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत होगी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र को शिक्षा के दृष्टिकोण से शिक्षित करना ही मेरा उद्देश्य है। कोरोना काल में भी कॉलेज की ओर से बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा देने का सराहनीय प्रयास किया गया था। जिसका लाभ उठाते हुए छात्र-छात्राओं ने विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

कॉलेज को स्थायी संबंधन मिलने पर शिक्षक एवं शिक्षिकेतर कर्मियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ राजीव कुमार को बधाई दी है। शिक्षकों व कर्मियों ने कहा कि प्राचार्य महोदय के सक्रिय प्रयास से महाविद्यालय नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यहां शैक्षणिक सहित कॉलेज का चहुंमुखी विकास हो रहा है। बधाई देने वालों में डॉ जालंधर प्रसाद सिंह, डॉ अभयनाथ सिंह, डॉ बबिता, डॉ नीलम, डॉ नंद किशोर राम, डाॅ चंद्रभूषण सिंह शशि, डॉ अमृता मजूमदार, डॉ विजय शंकर, प्रो अमरेश श्रीवास्तव, डॉ मंजू कुमारी, प्रो रणविजय, प्रो रंजन पाठक, प्रो हरिशंकर सिंह, प्रो सुभाष कुमार, प्रधान लिपिक राजेंद्र ठाकुर, रामप्रवेश सिंह, संजय कुमार, अशोक रत्न, अमरनाथ, रघुनाथ, राजाराम कुमार सहित अन्य शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मी शामिल है।

ग्रामीणों एवं छात्रों में हर्ष

तीनो संकाय के पास एवं प्रतिष्ठा विषयों में संबंधन मिलने से आसपास के ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया साइंस एवं कॉमर्स में स्नातक के लिए बच्चों को गांव से बाहर भेजना पड़ता था। कई छात्र तो विवशता के कारण पढ़ाई बंद कर लेते थे। अब आसानी से स्नातक तक शिक्षा प्राप्त कर सकते है। वर्तमान में कॉलेज में 4 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित है।

प्रधान लिपिक राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि कॉलेज की स्थापना 1972 में स्थानीय शिक्षाविद स्वर्गीय जयकिशोर सिंह, बैधनाथ सिंह, स्व देवचरण सिंह, स्व कपिलदेव सिंह, सौखी सिंह, विश्वनाथ सिंह आदि ने आसपास के छात्रों को सुगम तरीके से उच्च शिक्षा प्राप्त को लेकर किया था। कॉलेज में बच्चों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध है। एनएसएस इकाई का संचालन के साथ समय-समय पर यूजीसी की ओर से भी पाठ्यक्रम भी संचालित किये जाते है।

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