हाजीपुर (वैशाली)जिला समाहरणालय में रिश्वतखोरी का बोलबाला है।इस बात का सबूत हैं समाहरणालय से रिश्वत लेते गिरफ्तार होने वाले अधिकारी।जी हां एक तरफ नीतीश सरकार कहती है कि कफन में जेब नहीं होता तो दूसरी तरफ जिला समाहरणालय में ही रिश्वतखोरी का खेल जम कर हो रहा है।निगरानी की टीम ने जब हाजीपुर समाहरणालय स्थित भवन निर्माण विभाग के प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी प्रमोद कुमार को उस वक्त रंगे हाथ गिरफ्तार किया जब वह इंजिनियरिंग कॉलेज के बिल भुगतान हेतु 2लाख रूपये घूस ले रहे थे।

शिकायत करने वाले शख्स के जरिए निगरानी की टीम ने जैसे ही हाजीपुर समाहरणालय में प्रमोद कुमार को घूस लेते गिरफ्तार किया कि पूरे समाहरणालय परिसर में हड़कंप मच गया। वहीं लोगों में चर्चा आम हो गई कि हाजीपुर समाहरणालय भी घूसखोर के चंगुल में फंसा हुआ है। जबकि भ्रष्टाचार मुक्त जिले का दावा करने वाले डीएम वैशाली, एसपी वैशाली के कार्यालय समेत तमाम वरीय अधिकारियों के कार्यालय के बावजूद समाहरणालय में घूसखोरी का खेल चल रहा है जिससे यह दावा खोखला साबित हो रहा है।

हालांकि निगरानी की टीम ने एक बार फिर लोगों को बता दिया है कि रिश्वतखोर कोई भी हो उसके हत्थे चढ़ने से बच नहीं सकता है।इस बड़ी कार्रवाई से लोगों ने राहत महसूस की।

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