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बिदुपुर मनरेगा कार्यालय में हुई मारपीट, कई मनरेगा कर्मी हुए घायल

एक तरफ जहां इस कोरोना काल में सभी पदाधिकारी और कर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना अपने अपने कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं ताकि आम जनता को परेशानी का सामना ना करना पड़े। उसी क्रम में एक घटना ऐसी घटी जो शर्मशार करने योग्य है। मामला प्रखंड बिदुपुर से है जहां प्रखंड परिसर स्थित नए बने मनरेगा कार्यालय में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब बिदुपुर मुखिया प्रतिनिधि और मनरेगा कर्मी आपस में उलझ गए और देखते ही देखते पूरा का पूरा मनरेगा कार्यालय रणभूमि में परिवर्तित हो गया।

इस घटना में पीटीएस श्रीकांत और जेई सुब्रमण्यम के साथ कई लोग जख्मी हो गए। घटना उस वक्त घटी जब मनरेगा कार्यालय में बैठक होने के क्रम में बिदुपुर पीटीएस श्रीकांत को फोन आया और वह बाहर निकले वहां पहले से मौजूद मुखिया प्रतिनिधि और पीटीएस श्रीकांत में मजदूरों के पारिश्रमिक भुगतान के लिए बहस होने लगी और यह बहस मारपीट में शुरू हो गई। शोर होने पर मनरेगा पीओ रजनीश शेखर, जेई सुब्रमण्यम और राहुल ने बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन मुखिया समर्थकों ने उनकी एक न सुनी और जेई के साथ भी बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। वही मारपीट के दौरान किसी प्रकार पीटीएस श्रीकांत कार्यालय के एक कमरे में घुस कर अंदर से बंद कर अपने आप को अनहोनी होने से बचाया।

सूचना मिलते ही वीडिओ प्रशांत कुमार, सीओ लाला प्रमोद श्रीवास्तव घटनास्थल पर पहुंच मामले को शांत कराने की पूरी कोशिश की लेकिन इन पदाधिकारियों की कुछ न चली और प्रयास असफल रहा। जिसके बाद बिदुपुर थाना को फोन किया गया और अवर निरीक्षक सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच स्थिति को नियंत्रण में किया और कमरे में बंद पीटीएस को पुलिस अभिरक्षा में बाहर निकाला।

इस घटना को लेकर मनरेगा पीओ रजनीश शेखर ने बताया कि बिना कार्य किए बिदुपुर पंचायत मुखिया प्रतिनिधि मजदूरों को पारिश्रमिक भुगतान करने का दबाव बहुत दिनों से बना रहे थे। इसी को लेकर सुनियोजित तरीके से उनके द्वारा अपने समर्थक और मजदूरों के साथ मिलकर पीटीएस श्रीकांत कुमार पर जानलेवा हमला किया गया और बीच बचाव करने के क्रम में जेई सुब्रमण्यम और राहुल कुमार के साथ भी बुरी तरह मारपीट की घटना की। सूचना वरीय पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी को दी गई है और जब तक इस पर कार्यवाई नहीं की जाती है तब तक सभी प्रकार के कार्यों को बंद करने को लेकर जिला पदाधिकारी के पास आवेदन भी दिया गया है। वहीं मुखिया प्रतिनिधि ने बताया कि मजदूरों के पारिश्रमिक की भुगतान करने को कहा गया तो मनरेगा कर्मी द्वारा बदसलूकी की गई।

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