जिलाधिकारी वैशाली ने किया बिदुपुर प्रखंड सह अंचल का निरीक्षण, जनशिकायत कोषांग को प्रभावशाली बनाने का दिया निर्देश

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वाणीश्री न्यूज़, बिदुपुर। वैशाली जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने बुधवार को बिदुपुर प्रखंड का दौरा किया। जिलाधिकारी का काफिला 11.44 बजे बिदुपुर प्रखंड कार्यालय पहुँचा और घूम घूम कर प्रखंड एव अंचल में बने विभिन्न भवनों का निरीक्षण किया। इस दौरान कौशल विकास केंद्र के ट्रेनिंग सेंटर का भी निरीक्षण किया।

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इस दौरान उन्होंने एक छात्र से बिदुपुर के बारे में अंग्रेजी में दस लाइन बोलने को कहा। छात्र एक लाइन बोलकर चुप हो गया जिसमें भी कई त्रुटियां थी जिसे डीएम ने छात्र को गलतियों का अहसास कराया। वही कम्प्यूटर की छात्रा चंचल कुमारी से पावर पॉइंट, अतुल कुमार से एक्सल एवं एक अन्य छात्र से वर्ड खोलने को कहा। एक छात्र को एक्सल में एक से बीस तक लिखने को कहा जिसमें सिलसिलेवार ट्रैक नही करने पर उन्होंने आश्चर्य जताया। साथ ही इंस्ट्रैक्टर रणधीर कुमार की जमकर फटकार लगायी।

जिलाधिकारी ने इंस्ट्रक्टर को कम्प्यूटर पर प्रैक्टिस कराने का निर्देश दिया। वहीं 60 दिनों के क्लास में 45 दिन पूरे होने पर छात्रों को अबतक किताब उपलब्ध नही कराए जाने पर जिलाधिकारी विफर गए और आपत्ति जतायी और ट्रेनिंग देने वाली संस्था से एक मीटिंग अरेंज करने के लिए निर्देश दिया।

जिलाधिकारी श्री यशपाल मीना द्वारा अंचल कार्यालय का काफी लंबे समय तक निरीक्षण किया और उन्होंने 15 दिन के भीतर अंचल कार्यालय को रिव्यु करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि यह रिव्यु हाजीपुर या बिदुपुर कही भी हो सकता है। भवनों के निरीक्षण करने के क्रम में डीएम ने पाया की आरटीपीएस का कोई बोर्ड नही है और उसका छप्पर भी टूटा हुआ है जिसपर उन्होंने अंचलाधिकारी से इसे ठीक कराने का निर्देश दिया।

इस दौरान जिलाधिकारी ने थाने पर पड़ी नीलामी लायक गाड़ियों के आकड़ो के बारे में थानाध्यक्ष से पूछा और जल्द हीं गाड़ियों के नीलामी की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि जगह खाली होने पर उस स्थान पर निर्माण कराया जा सकता है।  इसी दौरान उनकी नजर कुआँ पर पड़ी जिसके निरीक्षण के बाद उन्होंने मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी सविता कुमारी को जलजीवन हरियाली से जीर्णोद्धार कराने का निर्देश दिया। साथ हीं साथ प्रखंड सह अंचल परिसर को भी मनरेगा से साफ कराने का भी निर्देश दिया।

आरटीपीएस काउंटर पर पूछताछ के क्रम में उन्होंने कर्मी से पदाधिकारी को रिपोर्ट करने के तरीके के बारे में जाना जिसमे कमी होने पर उन्होंने एक फॉर्मेट बना कर बताया और इसी फॉर्मेट के आधार से रिपोर्ट करने का निदेश दिया। जिसके बाद जिलाधिकारी ने प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं का रिव्यु किया।

रिव्यु के बाद जिलाधिकारी ने चिलचिलाती धूप में खड़े होकर आम जनता के विभिन्न शिकायतों का आवेदन लिया और ऑन स्पॉट सम्बंधित विभाग को जांच का निर्देश दिया। शिकायत में एक ऐसा आवेदन मिला जिससे सभी अचंभित हो गए। मामला यह था कि हाजीपुर के शहदुल्लाहपुर के जमीन को बिदुपुर अंचल में दाखिल खारिज कर दिया गया। जिसका वाद संख्या 432/R27 वर्ष 2019-20 है। इसपर डीएम ने सीओ रवि राज से पूछताछ किया और सघन जांच करने का निर्देश दिया और कहा कि यह पता लगाया जाए कि किस परिस्थिति में कर्मचारी ने इस तरह का रिपोर्ट किया।

मौके पर डीएम ने कहा कि जनशिकायत कोषांग को प्रभावशाली और मजबूत बनाना होगा ताकि समस्याओं का निपटारा ज्यादा से ज्यादा किया जा सके इस मौके पर वरीय उप समाहर्ता अभिलाषा सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ज्ञानेन्द्र प्रकाश, बीडीओ किरण कुमारी, सीओ रविराज, मनरेगा पीओ सविता कुमारी, बीईओ अरुण कुमार सिंह, बीएओ रत्नेश कुमार, एमओ अभिमन्यु सिंह, थानाध्यक्ष धनंजय कुमार पांडेय के अलावा प्रखंड और अँचल के सभी कर्मी के मौजूद थे।

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