फैक्ट्री में बनाया जा रहा था नकली कीटनाशक, उद्भेदन होते ही फैला सनसनी

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हाजीपुर।। वैशाली में नकली किट नाशक बनाने वाले फैक्ट्री का उद्भेदन होते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मामला औधोगिक थाना इलाके की है।जँहा कीटनाशक बनाने वाली फैक्ट्री में चुपके से नकली कीटनाशक बनाया जा रहा था।

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मिली जानकारी के अनुसार पूरे देश मे नकली समान बनाने वाले के खिलाफ कारबाई करने वाले ब्राण्ड प्रोटेक्शन सर्विसेज कम्पनी के फील्ड ऑफिसर अंजनी कुमार को गुप्त सूचना मिली कि पटना से सटे हाजीपुर के औधोगिक एरिया में एक लाइसेंसधारी कीटनाशक फैक्ट्री है।जँहा खेतीबाड़ी में प्रयोग होने वाले कीटनाशक नकली बनाया जा रहा है। फील्ड ऑफिसर अंजनी कुमार ने रैकी करना शुरू किया तो फैक्ट्री के अंदर रोगर से मिलती जुलती रोगर पल्स नाम से नकली कीटनाशक बनया जा रहा था।और यह नकली कीटनाशक पुरे बिहार में सप्लाई किया जा रहा है।फील्ड ऑफिसर अंजनी कुमार ने इसकी लिखित सूचना स्थानीय औधोगिक थाना के थाना अध्यक्ष अजय कुमार को दिया। इंस्पेक्टर अजय कुमार ने ब्राण्ड प्रोटेक्शन के फील्ड ऑफीसर के लिखित सूचना पर पुलिस बल के साथ, थाना से महज कुछ दूरी पर स्थित औधोगिक एरिया में रेमेडी साई प्र0 लिमिटेड फैक्ट्री में छापामारी किया तो भारी मात्रा में रोगर कम्पनी का नकली कीटनाशक पुलिस ने जब्त किया।

छापेमारी के दौरान पुलिस को विरोध का सामना भी करना पड़ा। फिर अतरिक्त पुलिस बल मंगा कर छापेमारी किया गया।फैक्ट्री से भारी मात्रा में रोगर प्लस नाम का नकली कीटनाशक ओर रेपर जब्त किया गया।थाना अध्यक्ष ने लिखित सूचना पर फैक्ट्री के मालिक सहित तीन लोगों के विरुद्ध थाना में मामला दर्ज कर लिया है।और जांच में जुट गई है। पुलिस पटना के जमाल रोड स्थित नकली कीटनाशक बनाने वाले फैक्ट्री के ऑफिस में भी रेड किया है।अगर जब्त कीटनाशक सभी नकली है तो इसकी कीमत करोड़ों में बताया जा रहा है।

आपको बता दे कि बिहार में नकली कीटनाशक बड़े पैमाने पर फल फूल रही है। जिसका शिकार भेले भाले किसान हो रहा है।जो कीटनाशक खरिदने में पैसा तो लगता है मगर किसान को लाभ नही होता, ओर किसान का फसल बर्बाद हो जाता है। यह कीटनाशक ,सब्जी ओर फसल में लगे किरा को नष्ट करने में प्रयोग किया जाता है। हाल के दिनों में ब्राण्ड प्रोटेक्शन के अधिकारी ने गया,नालंदा ओर जहानाबाद में भी नकली कीटनाशक बनाने वाले फैक्ट्री का उद्भेदन कर चुकी है।

अब सवाल उठता है कि सरकार के तंत्र क्या कर रही है जो कीटनाशक बनाने का लाइसेंस देकर कुम्भकर्णी नींद में सो जाती है। कीटनाशक बनाने के लाइसेंस पर कौन सी कीटनाशक बनाई जाती है इसका जांच क्यो नही किया जाता,अगर समय,समय पर फैक्ट्री में हो रहे उत्पादन की जांच किया जाय तो नकली करोबार पर आसनी से रोक लगया जा सकता है। कम्पनी के डायरेक्टर मुस्तफ़ा हुसैन को वैशाली के किसानो ने बहुत बहुत बधाई दिया है ।

किसानों ने कहा है नकली कीटनाशक का उद्भेदन कर मुस्तफ़ा हुसैन ने बिहार के किसानो को जगरूक किया है। अब आंख मूंद कर नही आंख खोल कर खरीदेंगे।।आपको बता दे कि वैशाली ओर पड़ोसी जिला समस्तीपुर में सब्जी की खेती हाजरो एकर में होती है।सबसे ज्यादा कीटनाशक की खपत इसी जिला में है।

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