पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर देश की शैक्षणिक संस्थानों का विशाल आयोजन

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आलेख: डॉ अश्विनी कुमार। सहस्राब्दी वर्ष से संचालित एवं नीति आयोग भारत सरकार से संबद्ध एनवायरमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी खजुराहो एवं अग्रवाल कन्या महाविद्यालय राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में देश विदेश की कई प्रमुख शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के साथ मिलकर विषय पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर कोविड 19 महामरी के कारण विशाल वेबीनार का आयोजन कर रही है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम “पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली” है। इस दिन प्रकृति के साथ हमारे संबंधों को फिर से स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित करके बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। चर्चाओं से पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली की उम्मीद की जाती है, और जो गतिविधियाँ उनका समर्थन करती हैं, उनसे सुझाव मांगे जाते हैं। कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर जहां ध्यान देने की उम्मीद है, यहां संक्षेप में चर्चा की की जायेगी ।
विविध कार्यक्रमों के आयोजन में  शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय उज्जैन के साथ विषय इकोसिस्टम रीस्टोरेशन थ्रो ससटनेबल बायोडायवर्सिटी।
कैरियर कॉलेज भोपाल एवं शासकीय महाविद्यालय चेनानी जम्मू के साथ विषय  पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण को रोकने और उलटने से रोकना। वैश्विक स्तर पर इंटरनेशनल डायलॉग ऑन इकोलॉजिकल रीस्टोरेशन कन्या महाविद्यालय राजस्थान, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू, कोटा विश्वविधालय कोट, वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ के अलावा नेपाल तथा इजिप्ट की संस्थायें सामिल है।
वेबीनार के समन्वयक डॉ अश्वनी कुमार दुबे ने बताया कि वह मुख्य वक्ता के रूप में एकलव्य  विश्वविद्यालय दमोह। इनफिनीटी मेनेजमेन्ट एंड इंजीनियरिंग महाविद्यालय सागर। प्रभावना जन कल्याण परिषद एवं तहसील प्रेस क्लब (रजि.) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार में पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। यह पूरा चार घंटे का कार्यक्रम सोसल मीडिया पर लाइव होगा।
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