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बिदुपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय में पोषण माह अभियान अंतर्गत पोषण मेला आयोजित

यश कुमार ने जीता हेल्दी बेबी ऑफ बिदुपुर का खिताब

न्यूज़ डेस्क, बिदुपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय बिदुपुर में पोषण माह अभियान (सही पोषण देश रोशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बाल विकास परियोजना पदाधिकारी प्रीति कौशल ,चिकित्सा पदाधिकारी श्री संजय दास, डॉ चंदन ,सुमन कुमारी, जिला अध्यक्ष सह् आंगनवाड़ी सेविका, सविता कुमारी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर पोषण मेला का शुभारंभ किया गया। सेविकाओं द्वारा हरी साग सब्जी, फल, फूल, दाल, अंडा, सेब, खीर, अनार, हलवा इत्यादि से स्टॉल लगाया गया।कुछ सेविकाओं के द्वारा रंगोली भी बनाया गया।

इस मौके पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के द्वारा सही पोषण देश रोशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई उन्होंने बताया कि कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए यह पोषण मेला का आयोजन किया जा रहा है और जन-जन तक इसके माध्यम से संवाद पहुंचाया जा रहा है ताकि सही खानपान साफ सफाई से ही कुपोषण को 2022 तक दूर कर पाएंगे ।वहीं महिला पर्यवेक्षिका श्रीमती ज्योति शिखा के द्वारा अग्नि को साक्षी मानकर सभी को सही पोषण देश रोशन हेतु शपथ दिलाई गई। वह जिला अध्यक्ष आंगनवाड़ी सेविका सविता कुमारी के द्वारा उपस्थित सभी सेविकाओं को पोषण के 5 सूत्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें पहला 1000 दिन जो( गर्भावस्था से 2 साल के बच्चे), दूसरा :- एनीमिया (खून की कमी) तीसरा:-डायरिया (दस्त रोग से बचाव) चौथा:- साफ-सफाई एवं पोषण (हाथ की सफाई एवं स्वच्छता ,पांचवा:- पौष्टिक आहार( संतुलित आहार।

उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे को 6 माह पूरा होने के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ साथ ऊपरी आहार देना बहुत जरूरी है। क्योंकि छह माह तक शिशु का वजन लगभग दो गुना बढ़ जाता है एवं एक वर्ष पूरा होने तक वजन लगभग तीन गुना एवं लम्बाई जन्म से लगभग डेढ़ गुना बढ़ जाती है. जीवन के दो वर्षों में तंत्रिका प्रणाली एवं मस्तिष्क विकास के साथ सभी अंगों में संरचनात्मक एवं कार्यात्मक दृष्टिकोण से बहुत तेजी से विकास होता है. इसके लिए अतिरिक्त पोषक आहार की जरूरत होती है. इसलिए 6 माह के बाद शिशुओं के लिए स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार देना बहुत जरूरी है।

उन्होंने बताया कि 6 माह से 8 माह के बच्चों के लिए नरम दाल, दलिया, दाल -चावल, दाल में रोटी मसलकर अर्ध ठोस (चम्मच से गिराने पर सरके, बहे नही) , खूब मसले साग एवं फल प्रतिदिन दो बार 2 से 3 कटोरी , 9 माह से 11 माह तक के बच्चों को प्रतिदिन 3 से 4 बार 3से4कटोरी एवं 12 माह से 2 वर्ष की अवधि में घर पर पका पूरा खाना एवं धुले एवं कटे फल को प्रतिदिन भोजन एवं नास्ते में देना चाहिए।समेकित बाल विकास योजना के अंतर्गत 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के बेहतर पोषण के लिए पोषाहार वितरित किया जाता है।सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

वही हेल्दी बेबी शो में प्रथम पुरस्कार यश कुमार, माता किरण देवी द्वितीय पुरस्कार मानवी कुमारी माता माया देवी को मिला। मेहंदी में रजनी कुमारी, क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सविता कुमारी(जिला अध्यक्ष, आंगनबाड़ी), द्वितीय स्थान संगीता कुमारी, तृतीय स्थान रेनू कुमारी  को मिला। इस पोषण मेला में महिला पर्यवेक्षिका कुमारी शारदा शक्ति, नीतू कुमारी, मंजू कुमारी ,स्वीटी कुमारी, मालती कुमारी एवं सभी आंगनवाड़ी सेविका उपस्थित रहें।

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