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समाज सेवा सबसे बड़ी सेवा है और शिक्षा दान सबसे बड़ा दान : प्रमोद कुमार सहनी

राजापाकर। समाज सेवा सबसे बड़ी सेवा है और शिक्षा दान सबसे बड़ा दान। इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड अंतर्गत नारायणपुर बुजुर्ग पंचायत के बदनपुर मिलकर ग्राम में रहने वाले प्रमोद कुमार सहनी ने। गुरु शिक्षा सम्मान से सम्मानित प्रमोद कुमार सहनी वर्तमान में राजापाकर प्रखंड में प्रखंड साधनसेवी एवं भारत स्काउट गाइड वैशाली के जिला सलाहकार भी हैं।प्रमोद कुमार कर्त्तव्यनिष्ठ, मृदुभाषी एवं बहुत ही सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं। प्रमोद कुमार सहनी द्वारा समाज के गरीब एवं असहाय बच्चों को लगभग 15 वर्षों से निःशुल्क शिक्षा दिया जा रहा है।

विगत चार- पांच वर्षों से व्हाट्सएप एवं स्कूल्स ऑफ इंडिया फेसबुक ग्रुप के माध्यम से भी ऑनलाइन निःशुल्क शिक्षा भी प्रमोद कुमार सहनी के द्वारा दिया जा रहा है। इनके मार्गदर्शन में लगभग सैकड़ों बच्चे विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर उच्च पदों पर आसीन हो चुके हैं एवं अनेकों आत्मनिर्भर हुए हैं। प्रमोद कुमार सहनी के सहयोग से वैशाली जिले में निषाद क्लब संस्था का भी संचालन किया जा रहा है।निषाद क्लब संस्था के माध्यम से वैशाली जिले के विभिन्न प्रखंडों में जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं को शैक्षणिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने का प्रयास जारी है।

निषाद क्लब के माध्यम से समाज के गरीब असहाय बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए भी उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है। कोविड-19 के दौरान भी प्रमोद कुमार सहनी ने आम लोगों को मास्क, सैनिटाइजर, हैण्ड वास एवं साबुन निःशुल्क वितरण किया साथ ही साथ लोगों को कोविड-19 जैसे विषम परिस्थिति में अभी आम लोगों को हाथ धुलाई एवं कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया।इनके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राजापाकर प्रखंड के दर्जनों विद्यालय मॉडल विद्यालय के रूप में पहचान बना चुके हैं। भारत स्काउट गाइड के जिला सलाहकार प्रमोद कुमार सहनी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए लगभग दो से तीन हजार वृक्ष भी लगाए जा चुके हैं। जल संरक्षण के लिए जल बचाओ जीवन बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। सामाजिक कुरीतियों को दूर भगाने के लिए भी व्यस्त रहते हैं।

वर्तमान समय में संसाधनों के अभाव में कई विद्यार्थी अपने सपने को साकार करने में पिछड़ जाते हैं वैसे विद्यार्थियों को भी सहायता प्रदान करते हैं। प्रतियोगिता परीक्षाओं एवं प्रतिस्पर्धा के दौर में कई परीक्षार्थी आत्महत्या करने लगे हैं जिससे वे काफी चिंतित हैं,इसके लिए भी इन्होंने प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं कोविड-19 के कारण जो बच्चे विद्यालय नहीं जा रहे हैं उनके लिए भी ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से मोरल सपोर्ट किया जा रहा है। शिक्षा में नवाचार करने के लिए हमेशा ततपर रहते हैं।बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सकारात्मक सोच उतपन्न करने के लिए सतत प्रयत्नशील रहते हैं।।बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हमेसा क्रियाशील रहते हैं। इनके द्वारा अभी भी घर बैठे बच्चों के लिए सतत रूप से ऑनलाइन पाठशाला का संचालन किया जा रहा है।

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