नहीं याद किए गए स्वo जगदीश चन्द्र माथुर

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वाणीश्री न्यूज़, वैशाली। इतिहास के पन्नों में विश्व के प्रथम गणतंत्र की धरती वैशाली, महावीर की जन्मस्थली, भगवान बुद्ध की कर्मस्थली, वैशाली महोत्सव की प्रथम बार नीव रखने वाले स्वर्गीय जगदीश चन्द्र माथुर की पुण्यतिथि पर किसी को भी याद नहीं आये स्वर्गीय माथुर।

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कैमरे की नज़र में देखा गया कि विरान सा पड़ा हुआ था उनका वैशाली का स्मारक स्थल। बताते चलें कि स्वर्गीय माथुर का जन्म 16 जुलाई 1917 को उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर के खुर्जा नामक शहर मे हुआ था और 14 मई 1978 को उनकी मृत्यु हो गई। परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण मे उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी।

वैशाली को इतिहास के पन्नों से बाहर निकालकर दुनिया के सामने लाने वाले और वैशाली महोत्सव की नीव रखने वाले महान इतिहासकार स्वर्गीय जगदीश चन्द्र माथुर को आज जिला प्रशासन के साथ साथ वैशाली के के आम जनता भी भूल चुके हैं। क्योंकि जैसा कि हम जानते हैं कि 14 मई को उनकी पुण्यतिथि थी, लेकिन दुख की बात थी कि वैशाली में स्थित उनका स्मारक स्थल विरान पारा हुआ था। इतिहास के पन्नों में जब तक वैशाली महोत्सव लगता रहेगा तबतक माथुर साहब की यादें हमेशा ताजी रहेगी।

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