कुपोषण से बचाव हेतु प्रसंस्कृत आहार का किया गया शुभारंभ

Advertisement

pबिदुपुर प्रखंड के आंगनवाड़ी केंन्द्र सं0- 20,91,288 पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुनीता कुमारी एवं महिला पर्यवेक्षक ज्योति शिखा के द्वारा आंगनवाड़ी सेविकाओ से पौष्टिक लड्डू बनवा कर बच्चों के बीच वितरण कर कुपोषण से बचाव हेतु प्रसंस्कृत आहार का शुभारंभ किया गया। केंद्र पर उपस्थित सेविका सहित लाभार्थियों को सीडीपीओ सुनीता कुमारी बताती हैं कि बच्चों के भोजन में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध होने पर कुपोषण बहुत हद तक कम हो जाता है। घर में उपलब्ध खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दाल, गुड,तेल, घी का समुचित उपयोग करते हुए बच्चों के लिए सुपाच्य एवं रूचि पूर्ण भोजन बनाया जा सकता है। बच्चों को अगर पौष्टिक लड्डू एवं सत्तू लड्डू बना कर खिलाया जाए तो बहुत हद तक कुपोषण कम हो सकता है।

अतः आप लोग अपने अपने घरों पर पौष्टिक लड्डू और सतु  लड्डू बनाकर अपने अपने बच्चों को खिलाएं और खुद खाएं। वही अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी महासभा की प्रदेश महासचिव सविता कुमारी अपने आंगनवाड़ी केंद्र पर टी एच आर के साथ-साथ पौष्टिक लड्डू भी बच्चों के बीच वितरण की एवं सभी अभिभावकों को लड्डू बनाने की विधि को भी बताई।सविता बताती हैं कि 100 ग्राम गेहूं का आटा, 50 ग्राम मूंग दाल, 100 ग्राम मूंगफली, 25 ग्राम मड़ुआ,150 ग्राम गुड़, 25 ग्राम उसना चावल ,10 ग्राम काला तिल, और 25 ग्राम घी से पौष्टिक लड्डू बनाई जा सकती है। इसमें गेहूं को चुनकर साफ कर ले धोकर उसे रात भर के लिए पानी में फूलने के लिए छोड़ दें ।इसी प्रकार मरूआ को भी 24 घंटे तक पानी में फुलाए फिर गेहूं और मरुआ को अंकुरित कर धूप में सुखाएं। बिना छिलके वाली मूंग के दाल को धोकर 3 से 4 घंटे तक फुलने के लिए छोड़ दें ।

Advertisement

उसके बाद धूप में सुखाएं। अब कड़ाही में सूखे हुए सामग्रियों को को भूने और पिस ले। फिर कड़ाही में तेल गरम कर पीसी हुई सामग्रियों को मिलाकर सुनहरा होने तक भूनें। उसके बाद गुड़ का चासनी बनाएं और सभी सामग्री को उसमें अच्छी तरह मिलाकर लड्डू तैयार कर ले। ठंडा होने पर बच्चों को खिलाएं फिर बचे हुए लड्डू को हवा बंद डब्बे में बंद कर दे ।यह लड्डू आपको 1 सप्ताह तक सुरक्षित रहेंगे। इससे भी आसान तरीका सत्तू का लड्डू बनाने में है। ढाई सौ ग्राम सत्तू, 100 ग्राम मूंगफली, डेढ़ सौ ग्राम गुड़ और 25 ग्राम घी। सत्तू लड्डू बनाने के लिए मूंगफली भूनकर छोटे-छोटे टुकड़ों में कूट लें। फिर कराही गर्म कर सत्तू को अच्छी तरह मिलाकर अलग कर ले। गुड़ की चासनी बनाकर सभी सामग्रियों को मिलाएं एवं छोटे-छोटे लड्डू बना ले और इसे भी हवा बंद डब्बे में भर लें। पौष्टिक लड्डू बनाने से पहले व्यक्तिगत साफ सफाई का ध्यान रखें। बर्तन साफ सुथरी होनी चाहिए। जगह साफ सुथरा होना चाहिए और बनाने वाले व्यक्ति का सर ढका हुआ और मुंह में मास्क लगा हुआ होना चाहिए।

लड्डू बनाने से पहले या परोसने से पहले बार बार अपने हाथों को 30 सेकंड तक साबुन और पानी से धोते रहें या सैनिटाइज कर ले।बिदुपुर प्रखंड के आंगनवाड़ी केंन्द्र सं0- 20,91,288 पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुनीता कुमारी एवं महिला पर्यवेक्षक ज्योति शिखा के द्वारा आंगनवाड़ी सेविकाओ से पौष्टिक लड्डू बनवा कर बच्चों के बीच वितरण कर कुपोषण से बचाव हेतु प्रसंस्कृत आहार का शुभारंभ किया गया। केंद्र पर उपस्थित सेविका सहित लाभार्थियों को सीडीपीओ सुनीता कुमारी बताती हैं कि बच्चों के भोजन में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध होने पर कुपोषण बहुत हद तक कम हो जाता है। घर में उपलब्ध खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दाल, गुड,तेल, घी का समुचित उपयोग करते हुए बच्चों के लिए सुपाच्य एवं रूचि पूर्ण भोजन बनाया जा सकता है। बच्चों को अगर पौष्टिक लड्डू एवं सत्तू लड्डू बना कर खिलाया जाए तो बहुत हद तक कुपोषण कम हो सकता है।

अतः आप लोग अपने अपने घरों पर पौष्टिक लड्डू और सतु लड्डू बनाकर अपने अपने बच्चों को खिलाएं और खुद खाएं। वही अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी महासभा की प्रदेश महासचिव सविता कुमारी अपने आंगनवाड़ी केंद्र पर टी एच आर के साथ-साथ पौष्टिक लड्डू भी बच्चों के बीच वितरण की एवं सभी अभिभावकों को लड्डू बनाने की विधि को भी बताई।सविता बताती हैं कि 100 ग्राम गेहूं का आटा, 50 ग्राम मूंग दाल, 100 ग्राम मूंगफली, 25 ग्राम मड़ुआ,150 ग्राम गुड़, 25 ग्राम उसना चावल ,10 ग्राम काला तिल, और 25 ग्राम घी से पौष्टिक लड्डू बनाई जा सकती है। इसमें गेहूं को चुनकर साफ कर ले धोकर उसे रात भर के लिए पानी में फूलने के लिए छोड़ दें ।इसी प्रकार मरूआ को भी 24 घंटे तक पानी में फुलाए फिर गेहूं और मरुआ को अंकुरित कर धूप में सुखाएं। बिना छिलके वाली मूंग के दाल को धोकर 3 से 4 घंटे तक फुलने के लिए छोड़ दें ।

उसके बाद धूप में सुखाएं। अब कड़ाही में सूखे हुए सामग्रियों को को भूने और पिस ले। फिर कड़ाही में तेल गरम कर पीसी हुई सामग्रियों को मिलाकर सुनहरा होने तक भूनें। उसके बाद गुड़ का चासनी बनाएं और सभी सामग्री को उसमें अच्छी तरह मिलाकर लड्डू तैयार कर ले। ठंडा होने पर बच्चों को खिलाएं फिर बचे हुए लड्डू को हवा बंद डब्बे में बंद कर दे ।यह लड्डू आपको 1 सप्ताह तक सुरक्षित रहेंगे। इससे भी आसान तरीका सत्तू का लड्डू बनाने में है। ढाई सौ ग्राम सत्तू, 100 ग्राम मूंगफली, डेढ़ सौ ग्राम गुड़ और 25 ग्राम घी।

सत्तू लड्डू बनाने के लिए मूंगफली भूनकर छोटे-छोटे टुकड़ों में कूट लें। फिर कराही गर्म कर सत्तू को अच्छी तरह मिलाकर अलग कर ले। गुड़ की चासनी बनाकर सभी सामग्रियों को मिलाएं एवं छोटे-छोटे लड्डू बना ले और इसे भी हवा बंद डब्बे में भर लें। पौष्टिक लड्डू बनाने से पहले व्यक्तिगत साफ सफाई का ध्यान रखें। बर्तन साफ सुथरी होनी चाहिए। जगह साफ सुथरा होना चाहिए और बनाने वाले व्यक्ति का सर ढका हुआ और मुंह में मास्क लगा हुआ होना चाहिए। लड्डू बनाने से पहले या परोसने से पहले बार बार अपने हाथों को 30 सेकंड तक साबुन और पानी से धोते रहें या सैनिटाइज कर ले।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here