बाढ़ पूर्व तैयारियों की विडियो कॉफ्रेंसिंग से हुयी समीक्षात्मक बैठक

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वाणीश्री न्यूज़, हाजीपुर । मुख्यमंत्री बिहार की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारियों की विडियो कॉफ्रेंसिंग से हुयी समीक्षा के बाद जिलाधिकारी यशपाल मीणा के द्वारा सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं कार्यपालक अभियंताओं को वैशाली जिला में चल रही बाढ़ पूर्व तैयारियों को 1 जून तक पूर्ण कराने का निदेश दिया गया है।

मुख्यमंत्री के द्वारा बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के साथ विडिया कॉफ्रेंसिंग कर तैयारियों की समीक्षा की गयी इस अवसर पर माननीय मंत्रीगण, मुख्य सचिव, बिहार एवं विभागीय सचिव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के द्वारा की गयी समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी के द्वारा बताया कि निविदा के माध्यम से आपूर्ति कर्ता का चयन एवं बाढ़ राहत सामग्रियों का दर निर्धारित कर लिया गया है।

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पॉलीथीन शीट की उपलब्धता के विषय में बताया गया कि जिला के भंडार गृह में वर्तमान में 11500 एवं बाढ़ प्रभावित अंचलों में 280 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं और जरूरत के हिसाब से नोडल जिला मुजफ्फरपुर से माँग पत्र के माध्यम से प्राप्त कर लिया जायेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2021 में बाढ़ के समय कुल 532 नावों का परिचालन कराया गया था। इस बार अभी तक सभी छः सरकारी नावों की गहनी का कार्य करा लिया गया है एवं अंचलों के द्वारा निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा की प्रक्रिया चल रही है जिसे शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। निजी नाव मालिकों का बकाया भुगतान भी अविलम्ब करने का निदेश दिया गया है इस मद में विभाग से आवंटन प्राप्त है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला में 160 बाढ़ आश्रय स्थल को चिन्हित कर वहाँ की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं यथा रोशनी, पेयजल, शौचालय, मेडिकल सुविधा आदि से संबंधित प्रतिवेदन चेकलिस्ट के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कुल 158 सामुदायिक रसोई चलायी गयी थी। रसोई संचालन में हुए व्यय के विरूद्ध इस जिला में भुगतान लंबित नही है। आनुग्रहितक राहत (जीआर) के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ति पोर्टल पर बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची को अद्यतन कर अपलोड कराया जा रहा है। इसके लिए सभी अंचलों को यूजर आईडी उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में कुल 77778 परिवारों के बीच प्रति परिवार छः हजार की दर से कुल छियालिस करोड़ छियासठ लाख अरसठ हजार रूपये का वितरण किया गया था।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपतकालीन संचालन केन्द्र जिला में क्रियाशील है जिसका नम्बर 06224-260220 है। जिलाधिकारी ने बताया कि एसडीआरएफ के आवासन एवं रिस्पांस टीमों के प्रशिक्षण के लिए स्थापित किये जाने वाले प्रशिक्षण केन्द्र के लिए गंडक नदी के किनारे क्लब घाट के पास जल संसाधन विकास की भूमि का चयन किया गया है और उसके लिए विभाग को अनापत्ति के लिए पत्र भेजा गया है।

बाढ़ के समय मानव स्वास्थ्य की देखभाल के लिए स्वास्थ्य कार्मियों की प्रतिनियुक्ति एवं जीवन रक्षक दवाओं, हेलोजन टेबलेट, विलिचिंग पाउडर, डीडीटी की उपलब्धता के विषय पर जिलाधिकारी ने बताया कि सिविल सर्जन के द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर ली गयी है एवं 12 प्रकार की मानव दवा उपलब्ध करा लिया गया है। पशुदवा के विषय में बताया गया कि वर्तमान में 12 प्रकार की पशुदवा क्रय की गयी है और शेष दवा के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है।

जिलाधिकारी ने कहा शरण स्थली के रूप में चिन्हित स्थलों के पास चापाकल चालू स्थिति होने अथवा नहीं होने के संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता पीएचईडी से संयुक्त प्रतिवेदन की माँग की गयी है एवं सभी चापाकालों को ठीक कराने का निदेश दिया गया है। तटबंधों की सुरक्षा एवं मरम्मति के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि अंचलाधिकारियों को इस संबंध स्थलीय जाँच कर प्रतिवेदन देने का निदेश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने वैशाली जिला के बाढ़ प्रभावित होने वाले प्रखंड वैशाली, लालगंज, बिदुपुर राघोपुर और महनार का स्वयं भ्रमण किया है स्थिति का जायजा लिया है। संबंधित सूखा से निपटने के लिए की जाने वाली तैयारी पर जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में वैशाली जिला सूखा प्रभावित क्षेत्र नही है।
इस अवसर पर वैशाली जिला एनआईसी में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ अपर समाहर्ता जितेन्द्र प्रसाद साह, प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन स्वप्निल सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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