वैशाली जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने चार प्रखंडों का लिया जायजा, दिया कई निर्देश

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वाणी श्री न्यूज़, वैशाली। वैशाली से कौशल किशोर सिंह की रिपोर्ट। वैशाली जिलाधिकारी यशपाल मीणा के द्वारा सुबह के नौ बजे से संध्या के चार बजे तक वैशाली जिला के भगवानपुर, गोरौल , पटेढी बेलसर एवं चेहराकला के प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। जिसमें आरटीपीएस, कौशल विकास, महादलित टोले की स्थिति सहित सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन एवं प्रगति के विषय में विस्तार से जानकारी ली गयी।
भगवानपुर प्रखंड में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि यहाँ पर 80 प्रतिशत महादलित टोले हैं, तथा 20 विकास मित्र हैं। जिलाधिकारी के द्वारा सभी विकास मित्रों से महादलित टोले का भ्रमण कर वहाँ की स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का निदेश दिया।

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जिलाधिकारी ने कहा कि महादलित परिवार के पास राशन कार्ड है कि नहीं, राशन कार्ड उनके पास है कि डीलर के पास है, अनाज का उठाव करते है या नहीं, उनके वृद्धावस्था पेंशन की स्थिति, उनका आवास बना है। या नहीं और आवास वाले भूमि का पर्चा है कि नहीं, टोले में नल-जल के कनेक्शन की स्थिति टोले में मद्यपान के सेवन की स्थिति तथा उनके बच्चें पास के आंगनवाड़ी केन्द्र में अथवा विद्यालय जाते है या नही संबंधी प्रतिवेदन तैयार कर उपलब्ध कराये। जिलाधिकारी के द्वारा अन्य प्रखंडों में भी इसके अनुपालन का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी के द्वारा आवास प्लस के तहत कितने आवास लक्षित हैं, इनमें कितनो की स्वीकृति दी गयी है, प्रथम किस्त और द्वितीय किस्त की राशि कितनों को दी गयी है जानकारी प्राप्त की। भगवानपुर प्रखंड में आवास पर्यवेक्षक के द्वारा बताया गया कि आवास प्लस के तहत 3646 का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके विरुद्ध 3564 की स्वीकृति दी गयी है। जिसमें 3125 को प्रथम किस्त की राशि तथा 1071 को द्वितीय किस्त की राशि दी गयी है। जिलाधिकारी के द्वारा चार दिनों में द्वितीय किस्त की राशि देने और जून तक सभी आवासों का निर्माण पूरा कराने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा द्वितीय किस्त की राशि देने में बिलम्ब करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी और अन्य प्रखंडों में भी जून तक आवासों को पूर्ण करा लेने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी के द्वारा आज निरीक्षण किये गये अंचलों के सभी पंचायतों में लाईब्रेरी खोलने और वहाँ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले पुस्तक एवं पत्रिका रखने का निर्देश देते हुए कहा गया कि पंचायत सरकार भवन, सामुदायिक भवन या कोई सरकारी भवन में लाईब्रेरी खोली जा सकती है। जिलाधिकारी के द्वारा प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान सभी जगह आरटीपीएस काउन्टर को भी देखा गया और यहाँ प्राप्त आवेदनों की पंजी संधारित करने का निदेश दिया गया।

भगवानपुर प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि हर पंचायत में कैम्प लगाकर 10-10 मजदूरों की सूची तैयार करें जो बिहार राज्य के बाहर में कार्य करते हैं। उन्हें इर्ट-भट्ठा पर बालश्रम की जाँच करने का निदेश देते हुए कहा गया कि कहीं भी बालश्रमिक नहीं दिखना चाहिए। सभी जगह सीडीपीओ से यह जानकारी ली गयी कि कितने आंगनवाड़ी केन्द्र भाडा के मकान में चल रहे हैं। पंचायत मद की राशि, मनरेगा एवं विद्यायक मद की राशि से भाड़े पर चल रहे आँगनवाड़ी केन्द्रों का भवन निर्माण कराने का निदेश दिया गया ।

जिलाधिकारी के द्वारा पिछले छः माह में पर्यवेक्षिकाओं के द्वारा कितनी आंगनवाड़ी केन्द्रों की जाँच की गयी और कितने को स्पष्टीकरण कितने को चेतावनी एवं कितने के विरूद्ध राशि कटौती का प्रस्ताव दिया गया। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो संबंधित पर्यवेक्षिका पर कार्रवाई की जाय। यह निदेश सभी चारों प्रखंडों में दिया गया।
जिलाधिकारी के द्वारा मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रत्येक पंचायत में सक्रिय श्रमिकों का भौतिक जाँच उनके फोटो चित्र के साथ करने का निदेश दिया गया। प्रत्येक प्रखंड के सबसे प्रमुख पाँच योजनाओं की जाँच कर प्रतिवेदन देने को कहा गया।

जिलाधिकारी के द्वारा सभी चारों जगह जमाबंदी की संख्या उसका प्रिन्ट आउट और सत्यापन की जानकारी ली गयी तथा केन्द्रीयकृत रूप से जिला में करायी जा रही डिजीटाइजेशन के कार्य को एक माह पूरा कराने का निदेश दिया गया। दाखिल-खारीज के संबंध में जिलाधिकारी के लॉगिन में लम्बित पड़े मामलों की समीक्षा की गयी और इस मामले में अंचलाधिकारी भगवानपुर, गोरौल, पटेढ़ी बेलसर और चेहराकला से स्पष्टी करने का निदेश दिया गया।

भगवानपुर में राजस्व पदाधिकारी के अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया और उनसे स्पष्टीकरण करने एवं उनका वेतन स्थगित रखने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने भगवानपुर प्रथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया और यहाँ पर प्रखंड विकास पदाधिकारी को पूरा स्टॉक सत्यापन करने का निदेश दिया। यहाँ पर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण किया गया।

जिलाधिकारी के द्वारा सभी जगह कार्यालय परिसर से कबाड़ हो चुके वाहनो या सामान को हटाने एवं परिसर को स्वच्छ रखने का निर्देश देते हुए आम जन के लिए शौचालय / यूरीनल की व्यवस्था कराने का निदेश दिया गया। गोरौल में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण करने और वेतन स्थगित रखने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा सभी जगह पंचायतों में सरपंच और न्यायमित्र की उपस्थिति में भूमि विवाद दूर करने के लिए विशेष कैम्प लगाने का निदेश दिया गया।

पटेढ़ी बेलसर अंचल के लिपिक शशिभूषण शर्मा के विरूद्ध कार्य में शिथिलता को लेकर स्पष्टीकरण करने एवं प्रपत्र ‘क’ बनाने का निदेश दिया गया। चेहराकला में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की अनुपस्थिति पर शो कॉज किया गया। सभी जगह प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों को नियमित रूप से भ्रमण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने का निदेश दिया गया।

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