न्यूज़ डेस्क, वैशाली। बिदुपुर प्रखण्ड के नावानगर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पढ़ने वाला वर्ग 05 का छात्र स्कूल के दो मंजिले मकान के छत से गिरा।छात्र की स्थिति नाजुक है,उसे प्राइमरी उपचार के बाद बिदुपुर अस्पताल से हाजीपुर सदर रेफर किया गया था जिसके बाद उसकी स्थिति को देखते हुए उसके परिजन निजी अस्पताल में ले गए है जहा वह आईसीयू में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है।हादसा शुक्रवार की बताई गई है।
मामले में मिली जानकारी के अनुसार नावानगर गाव के रणजीत कुमार राय का बेटा रियांस सम्बंधित स्कूल में वर्ग पाच का छात्र है।शुक्रवार वह अन्य छात्रों के साथ छत पर खेलने चला गया।खेलने के क्रम में ही वह छत से नीचे गिरा।छात्र को नीचे गिरता देख स्कूल के बगल के घरवालों ने शोर मचाई तब जाकर स्कूल के एचएम और शिक्षक को घटना की जानकारी मिली और स्कूल प्रबंधन की बेचैनी बढ़ गई।
स्थानीय लोगो द्वारा मामले की जानकारी छात्र के परिजन को दी गई।जबतक उसे लेकर लोग बिदुपुर अस्पताल चले आये।अस्पताल में उसका इलाज चल ही रहा था कि बारी बारी से स्कूल के शिक्षक और एचएम वहा से निकल गए।स्थिति नाजुक देख उसे रेफर कर दिया गया।घरवाले उसकी हालत देख उसे बचाने में लगे है।छात्र के पिता ने बताया है कि घटना के पश्चात छात्र अभी तक वेहोश है।उसके सर में गम्भीर चोट लगी है।
लापरवाही का आरोप-स्थानीय लोगो ने बताया कि महिला एचएम सहित स्कूल के शिक्षकगण की लापरवाही के कारण घटना हुई है।स्कूल में वर्ग चल हो अथवा टिफिन का समय हो बच्चे बिन मुंडेर के छत पर खेलते देखे जाते है।बच्चों को रोकने टोकने की जगह शिक्षक आपस मे गप्पेबाजी में व्यस्त रहते है जिसके कारण घटना हुई है।लोगो ने बताया कि बीते वर्ष सम्बंधित स्कूल का एक छात्र स्कूल से भागकर नहाने चला गया था और मधुरापुर पोखर में नहाने के क्रम में वह डूबकर मर गया।जिस घटना को लेकर काफी हंगामा हुआ था वावजूद शिक्षकों की लापरवाही बरकरार है।छात्र के पिता ने एचएम पर प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की बात कही है।
मामले में बीईओ अरुण कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन कई शिक्षक सरकारी कार्य को लेकर फील्ड में थे।स्कूल में एचएम के अलावे कम शिक्षक थे जिसके कारण छात्र छत पर जाकर खेलने लगे और उसी दरम्यान हादसा हुआ है।
