न्यूज़ डेस्क, वैशाली। जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह के नेतृत्व में वैशाली जिले में “प्रशासन गाँव की ओर–2025” कार्यक्रम का जिलेभर में व्यापक स्तर पर सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी प्रखंडों में कुल 122 स्थलों पर दिनांक 19.12.25 से 25.12.25 तक कैंप एवं वर्कशॉप आयोजित किए गए, जिनमें शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं एवं परिवादों को प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया।
जिलाधिकारी के नेतृत्व में संचालित यह अभियान लोक प्रशासन एवं समाज के जमीनी स्तर पर प्रभावी लोक सेवा वितरण प्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा प्रशासन गाँव की ओर–2025 कार्यक्रम के तहत भगवानपुर प्रखंड के मांगणपुर पंचायत में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन व्यापक जनसहभागिता के साथ किया गया था, जिसने इस पूरे अभियान को महत्वपूर्ण गति प्रदान की। विभिन्न कैम्पों में उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 22187 परिवादों का जमीनी स्तर पर ऑन स्पॉट निष्पादन सुनिश्चित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न कैम्पों में आम नागरिकों द्वारा आरटीपीएस, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, भूमि सुधार एवं राजस्व, पंचायती राज, आवास योजना, राशन कार्ड सहित अन्य विभागों से संबंधित कुल 23335 आवेदन एवं परिवाद प्राप्त हुए।
प्राप्त आवेदनों में से अधिकांश मामलों का समाधान कैम्प स्थल पर ही कर दिया गया, जबकि शेष 1148 लंबित मामलों के त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन हेतु जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएँ, बैंकिंग सेवाएँ, मनरेगा, राशन कार्ड सेवाएँ, सात निश्चय योजना (भाग–2), स्वास्थ्य शिविर, बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित योजनाएँ, प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभाग शामिल थे। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा कई सेवाएँ मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं।
कैम्पों में महिलाओं, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं समाज के कमजोर वर्गों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। प्रशासनिक टीमों द्वारा मौके पर ही मार्गदर्शन प्रदान करते हुए पात्र लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार, पटना के निर्देशानुसार ‘सुशासन सप्ताह’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसके लिए पंचायतवार रोस्टर तैयार कर निर्धारित तिथियों के अनुसार कैम्पों का आयोजन किया गया, जिससे अधिक से अधिक पंचायतों के नागरिक सीधे प्रशासन तक अपनी पहुँच बना सकें।
जिलाधिकारी महोदया द्वारा पूर्व में आयोजित समीक्षा बैठकों में सभी जिला स्तरीय विभागीय पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया था कि कैम्प आयोजन की सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार माइकिंग, जनसंपर्क एवं अन्य प्रभावी माध्यमों से सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग कैम्पों में उपस्थित होकर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
“प्रशासन गाँव की ओर–2025” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस अभियान में प्रखंड गोरौल में 1526, लालगंज में 2281, महुआ में 1078, वैशाली में 1011, राजापाकर में 1224, भगवानपुर में 2035, पातेपुर में 3474, चेहराकँला में 504, सहदेई बुजुर्ग में 839, जन्दाहा में 1215, बिदुपुर में 738, महनार में 763, पटेढ़ी बेलसर में 288, देसरी में 489, हाजीपुर में 1595 तथा राघोपुर में 767 सहित सम्पूर्ण जिले में कुल 22187 आवेदनों का निष्पादन सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया।
