न्यूज़ डेस्क, वैशाली। Bihar के Vaishali district अंतर्गत अनवरपुर गांव में रविवार को एक हृदयविदारक हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक नवविवाहित युवक भी शामिल है, जिसकी शादी महज चार दिन पहले हुई थी और घर में अभी भी शादी की खुशियां गूंज रही थीं।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मासूम बच्चा खेलते-खेलते घर के शौचालय से जुड़ी करीब 10 फीट गहरी सेप्टिक टंकी में गिर गया। बच्चे को बचाने के लिए उसके चाचा ने बिना देर किए टंकी में छलांग लगा दी। लेकिन टंकी के भीतर जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण वे तुरंत बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके।
परिजनों ने जब यह देखा तो घबराहट में एक-एक कर अन्य सदस्य भी उन्हें बचाने के लिए टंकी में उतरते गए। इस क्रम में कुल सात लोग जहरीली गैस की चपेट में आ गए। बताया जाता है कि टंकी में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था, जिससे अंदर घातक गैस भर गई थी।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। बचाव दल ने ऑक्सीजन मास्क पहनकर सेप्टिक टंकी में उतरकर सभी सात लोगों को बाहर निकाला। सभी को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों—आनंद कुमार, पंकज कुमार, राहुल कुमार और प्रियांशु कुमार—को मृत घोषित कर दिया।
शेष तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
गांव में मातम का माहौल
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में चार दिन पहले शहनाई बजी थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच भी गहरा शोक व्याप्त है।
सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार, सेप्टिक टंकी या बंद स्थानों में मीथेन और अन्य जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं, जो कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऐसे मामलों में बिना सुरक्षा उपकरण के अंदर उतरना बेहद खतरनाक होता है।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ग्रामीणों से अपील की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें और बिना सुरक्षा इंतजाम के बंद स्थानों में प्रवेश न करें।
