वाणीश्री न्यूज़। गया, 27 नवंबर 2025। विश्व शांति की कामना के साथ दो दिसंबर से 12 दिसंबर तक महाबोधि मंदिर में आयोजित होने वाली इंटरनेशनल त्रिपिटक चैंटिंग के तैयारियों को लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। कार्यक्रम के लिए महाबोधि मंदिर परिसर और कालचक्र मैदान में भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से करीब 20 हजार भिक्षु, भिक्षुणी व श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए ज़िला पदाधिकारी गया शशांक शुभंकर ने क्राउड मैनेजमेंट, आवासन, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था और यातायात योजना की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियाँ समय पर और पूर्णता के साथ सुनिश्चित की जाएँ।
पहली बार भारत बना आयोजक
बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से प्रतिवर्ष अलग-अलग देश में अंतरराष्ट्रीय त्रिपिटक चैंटिंग का आयोजन होता रहा है। इस वर्ष पहली बार भारत इसका आयोजक बना है, जिसके कारण देश-विदेश के कई बड़े गणमान्य अतिथियों के बोधगया पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं के आवासन के लिए निगमा मोनास्ट्री, मगध विश्वविद्यालय, बरमी बिहार, बांग्लादेश मोनास्ट्री तथा बोधगया के कई सरकारी भवनों को चिह्नित किया गया है। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी स्थलों पर बेड, कंबल, चादर, पेयजल, स्नानागार, टॉयलेट और बिजली की व्यवस्था व्यवस्थित और कार्यशील हो।
मेडिकल सुविधाएँ सुदृढ़
कालचक्र मैदान, महाबोधि मंदिर परिसर और निगमा मोनास्ट्री में मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की निरंतर उपलब्धता पर ज़ोर दिया गया।
फायर सेफ्टी पर विशेष ध्यान
कालचक्र मैदान के विशाल टेंट को देखते हुए फायर ऑडिट कराने तथा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात रखने के निर्देश दिए गए। महाबोधि मंदिर परिसर में भी अग्नि सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
यातायात प्रबंधन
ज़िला पदाधिकारी ने 30 नवंबर तक बोधगया का ट्रैफिक प्लान जारी कर जनता तक पहुंचाने को कहा। भीड़ वाले दिनों में बड़े व पासधारी वाहनों का रूट डायवर्जन किया जाएगा। रोक बिंदुओं से मंदिर और कालचक्र मैदान तक श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
सफाई और निगरानी व्यवस्था
नगर परिषद को लगातार 12 दिसंबर तक सभी सार्वजनिक क्षेत्रों में सफाई, डस्टबिन, फॉगिंग, स्ट्रीट लाइटिंग और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
कालचक्र मैदान के सभी गेटों पर DFMD मशीनें लगाई जाएंगी और श्रद्धालुओं को विशेष पहचान पास दिखाकर ही प्रवेश मिलेगा। मंदिर परिसर, कालचक्र मैदान और अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। साथ ही मैदान के बाहर अस्थायी थाना भी स्थापित किया जाएगा।
बैठक में त्रिपिटक चैंटिंग आयोजन समिति से जुड़े भिक्षु, नगर पुलिस अधीक्षक, सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता, परिवहन पदाधिकारी, एसडीओ, नगर परिषद व प्रखंड अधिकारी सहित स्वास्थ्य, विद्युत और अग्निशमन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
