न्यूज़ डेस्क, वैशाली। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा वैशाली के आह्वान पर राजस्व कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन हाजीपुर में किया। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और विभाग द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अब तक क्रियान्वयन नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है।
धरना में मौजूद संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों को पूर्व में स्वीकार किया गया था, लेकिन उसे जमीन पर लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वर्ष 2025 में हुए समझौते को लागू करना, ग्रेड पे में बढ़ोतरी, नव नियुक्त कर्मचारियों की गृह जिला में पोस्टिंग, लंबित प्रोन्नति, ACP/MACP लाभ का भुगतान और कार्य सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई कर्मचारियों को एक साथ कई पंचायत और हल्का का प्रभार दिया गया है, जिससे कार्य का दबाव बढ़ गया है। वहीं विभाग द्वारा पर्याप्त संसाधन जैसे कार्यालय, फर्नीचर, इंटरनेट सुविधा और अन्य आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
संघ ने यह भी कहा कि कर्मचारियों से छुट्टी के दिनों में भी कार्य लिया जा रहा है और लंबे समय तक कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही राजस्व कर्मचारी का पदनाम बदलने से संबंधित निर्णय भी अब तक लागू नहीं किया गया है।
संघ की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। इसके तहत 3 फरवरी को पूरे बिहार में काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया गया। वहीं 5 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया गया, जबकि 9 फरवरी को गर्दनीबाग, पटना में धरना प्रस्तावित है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 11 फरवरी 2026 से राज्यभर के राजस्व कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना पर चले जाएंगे। संघ ने इस स्थिति के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
संघ ने मीडिया से अपील की है कि इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
