वाणीश्री न्यूज़, वैशाली। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली के प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी वैज्ञानिक एवं अकादमिक पहचान स्थापित की है। उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी एवं एल्सेवियर बी.वी. द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2% प्रभावशाली वैज्ञानिकों की सूची में लगातार पांचवें वर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। उनकी यह उपलब्धि न केवल राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली, बल्कि पूरे बिहार के तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान जगत के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. श्रीवास्तव पूर्व में मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), मुजफ्फरपुर में कार्यरत थे तथा वर्तमान में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली में प्राचार्य के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में संस्थान शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी एवं एल्सेवियर द्वारा प्रकाशित यह सूची विश्वभर के वैज्ञानिकों के शोध योगदान, वैज्ञानिक प्रकाशनों, उद्धरणों (Citations) तथा शोध प्रभाव के विभिन्न मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। डॉ. श्रीवास्तव का प्रमुख शोध क्षेत्र Enabling & Strategic Technologies तथा उप-क्षेत्र Materials है। वर्ष 2026 की Career-Long Scientific Impact List में भी उन्हें स्थान प्राप्त हुआ है, जो उनके दीर्घकालिक वैज्ञानिक योगदान को रेखांकित करता है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, अपने सहकर्मियों, मार्गदर्शकों, विद्यार्थियों तथा परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय पहचान उन्हें अनुसंधान, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में और अधिक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। संस्थान के प्राचार्य का विश्व के शीर्ष प्रभावशाली वैज्ञानिकों में लगातार पांच वर्षों तक शामिल होना विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। इससे संस्थान में शोध संस्कृति, नवाचार, उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को और अधिक प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है।
डॉ. श्रीवास्तव की इस उपलब्धि से महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों में हर्ष का वातावरण है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बिहार के तकनीकी शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षाविद् भी वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं।
