वाणीश्री न्यूज़, हाजीपुर, वैशाली। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, वैशाली के मार्गदर्शन में जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन एवं उद्यम से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में हाजीपुर प्रखंड की उत्तम जीविका महिला विकास स्वावलम्बी सहकारी समिति लिमिटेड महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। समिति से जुड़े 11,536 परिवार विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर रहे हैं।
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह (भा . प्र . से .) ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की प्राथमिकता पर बल देते हुए कहा कि जीविका दीदियों को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि पात्र महिलाओं को सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण एवं रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आजीविका को और मजबूत किया जाए।
10 मार्च 2021 को गठित उत्तम जीविका महिला विकास स्वावलम्बी सहकारी समिति लिमिटेड हाजीपुर प्रखंड की 5 पंचायतों के 42 गांवों में कार्यरत है। समिति के अंतर्गत 930 स्वयं सहायता समूह एवं 49 ग्राम संगठन संचालित हैं। समिति का संचालन स्वयं जीविका दीदियों द्वारा किया जा रहा है। अध्यक्ष संजू कुमारी, सचिव किरण देवी एवं कोषाध्यक्ष रेणु देवी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स समिति की गतिविधियों का संचालन कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में 97 कैडर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से 8,748 महिलाओं को मिला आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत समिति से जुड़ी 8,748 महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई है। इस सहायता से महिलाएं विभिन्न प्रकार की रोजगारपरक गतिविधियां संचालित कर रही हैं तथा अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समूहों को बैंक से जोड़कर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। स्वास्थ्य सुरक्षा निधि एवं खाद्य सुरक्षा निधि के माध्यम से सदस्यों को सहायता मिल रही है। समिति की 9,352 सदस्यों को बीमा सुरक्षा से जोड़ा गया है, जबकि सतत जीविकोपार्जन योजना के अंतर्गत 173 सदस्य लाभान्वित हो रही हैं। सिडबी के माध्यम से 137 सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME) के माध्यम से भी सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराने तथा खाद्य प्रसंस्करण आधारित व्यवसायों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि, पशुपालन और उद्यम से आजीविका के नए अवसर
समिति के अंतर्गत 4,729 परिवार कृषि गतिविधियों, 3,759 परिवार पशुपालन तथा 758 परिवार विभिन्न उद्यम एवं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। मुर्गी पालन, सिलाई, मछली पालन एवं नीरा व्यवसाय जैसी गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं आय के नए स्रोत विकसित कर रही हैं। कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए नमो ड्रोन दीदी पहल के माध्यम से भी सहयोग किया जा रहा है। समिति के अंतर्गत तीन ‘दीदी की रसोई’ का संचालन किया जा रहा है, जहां जीविका दीदियां भोजन तैयार करने एवं संबंधित कार्यों के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रही हैं। इन गतिविधियों से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
सामाजिक जागरूकता एवं सामुदायिक विकास में भी सक्रिय भागीदारी
उत्तम जीविका महिला विकास स्वावलम्बी सहकारी समिति लिमिटेड की गतिविधियां आर्थिक सशक्तिकरण तक सीमित नहीं हैं। समिति से जुड़ी महिलाएं नशामुक्ति अभियान, मतदाता जागरूकता तथा अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में जागरूकता संबंधी गतिविधियों के माध्यम से समुदाय को जागरूक किया जा रहा है। इस प्रकार जीविका दीदियां आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की वाहक भी बन रही हैं। जिला प्रशासन, वैशाली द्वारा महिलाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका के विविध अवसरों से जोड़ने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने तथा ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उत्तम जीविका महिला विकास स्वावलम्बी सहकारी समिति लिमिटेड के माध्यम से संचालित गतिविधियां महिला नेतृत्व, सामूहिक प्रयास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
