बिदुपुर: शीतलपुर-कमालपुर पंचायत के मुखिया के घर हुई करीब 12 लाख रुपये की चोरी का खुलासा लगभग हो गया है। पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात को रामदौली गांव के एक युवक ने अंजाम दिया था, जो फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जांच में चोरी के जेवरात खरीदने वाले दो आभूषण दुकानदारों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने बुधवार शाम बिदुपुर मायाराम हाट-बिशनपुर मार्ग स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक पप्पू कुमार, उनके बेटे और नावानगर के दुकानदार देवेंद्र साह को हिरासत में लिया।
पूछताछ में पप्पू कुमार ने जितिया और एक अंगूठी 50 हजार रुपये में खरीदने की बात स्वीकार की। वहीं, देवेंद्र साह ने ब्रासलेट का एक टुकड़ा काटकर 25 हजार रुपये में लेने की बात बताई। पूरी ब्रासलेट 65 हजार रुपये में खरीदने की बातचीत भी हुई थी। सवाल है कि बिना किसी संदेह के इतनी कम कीमत पर जेवर खरीदने का सौदा कैसे तय हुआ? क्या दुकानदारों ने जेवर की खरीद का कोई प्रमाण या पहचान पूछी थी? चोरी के आभूषणों का कारोबार आखिर किन तौर-तरीकों से चल रहा था।
तीन महीने पूर्व हुई इस चोरी में दो लाख नकद समेत करीब दस लाख के जेवरात गायब हुए थे। मामले में कांड संख्या 469/26 दर्ज है। शिकायतकर्ता के आग्रह पर दुकानदारों को जेवर बरामद कराने के लिए दो दिन की मोहलत बांड पर दी गई है। अब देखना है कि चोरी के बाकी जेवर कहां हैं और इस पूरे खेल में किसकी कितनी भूमिका है।
