जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के नेतृत्व, नियमित समीक्षा एवं सतत् अनुश्रवण में यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में वैशाली जिले में पशुपालकों को सुलभ, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (MVU) एवं जिला स्तरीय एंबुलेटरी पशु चिकित्सा वैन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन लगातार सुनिश्चित किया जा रहा है।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार द्वारा संचालित राष्ट्रीय पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय–2 के अंतर्गत जिले के सभी 16 प्रखंडों में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों का नियमित संचालन किया जा रहा है। वहीं गंभीर एवं आपातकालीन मामलों के त्वरित उपचार हेतु जिला स्तर पर एंबुलेटरी पशु चिकित्सा वैन को सक्रिय रखा गया है, जिससे पशुपालकों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध हो रही है।
अप्रैल 2026 के दौरान जिलेभर में कुल 416 मोबाइल पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से कुल 4,085 पशुओं का उपचार किया गया तथा 2,610 पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त माह के दौरान कुल 288 आपातकालीन कॉल मामलों में त्वरित पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई गई, जिसमें जिला स्तरीय एंबुलेटरी पशु चिकित्सा वैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह आँकड़े योजना की प्रभावशीलता एवं जमीनी स्तर पर उसकी व्यापक पहुँच को दर्शाते हैं।
प्रत्येक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई में पशु चिकित्सक, पैरा-वेट एवं चालक-सह-परिचारी की तैनाती सुनिश्चित की गई है। इकाइयाँ प्रतिदिन निर्धारित गांवों में पहुंचकर पशुओं का उपचार, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परामर्श प्रदान कर रही हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा सेवा की गुणवत्ता, कॉल रिस्पॉन्स, शिविर संचालन एवं लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि योजना का प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
जिले के पशुपालक टोल-फ्री नंबर 1962 अथवा मोबाइल ऐप के माध्यम से पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना द्वारा संचालित कॉल सेंटर से संपर्क कर मोबाइल एवं एंबुलेटरी पशु चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल पशुधन संरक्षण, पशुपालकों की आय वृद्धि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में वैशाली जिले में एक प्रभावी एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।
