वाणीश्री न्यूज़, वैशाली। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली में नवप्रवेशित बीटेक 2026 के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत स्टार्टअप एवं नवाचार कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ शिक्षक एवं अन्य विद्यार्थी भी शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ स्टार्टअप, नवाचार, इन्क्यूबेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, बिहार के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त आईएएस श्री विजय प्रकाश, आईजी मगध रेंज, गया श्री विकास वैभव, प्लाज्मआईटी हेल्थकेयर, मेलबर्न के संस्थापक एवं सीईओ श्री अवधेश कुमार तथा डीआईसी, वैशाली के महाप्रबंधक श्री भावेश कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों से संवाद किया।
विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने, तकनीकी ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने तथा उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम, नवाचार, इन्क्यूबेशन और उद्यमिता की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि इंजीनियरिंग विद्यार्थियों में तकनीकी समस्याओं को समझने और उनके नए एवं प्रभावी समाधान विकसित करने की क्षमता होती है। यदि इस क्षमता को सही दिशा दी जाए तो विद्यार्थी न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार का माध्यम बन सकते हैं।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों को दी महाविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों, विभागों और प्रमुख विंग्स से परिचित कराया।
उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की अब तक की उपलब्धियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक, तकनीकी, शोध, स्टार्टअप, प्रशिक्षण एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के अवसरों से भी अवगत कराया।
प्राचार्य ने कहा कि जीईसी वैशाली में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल कक्षा-कक्ष की पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि तकनीकी गतिविधियों, नवाचार, शोध, स्टार्टअप, प्रशिक्षण और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जिज्ञासा और सीखने की प्रवृत्ति को बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि एक अच्छा इंजीनियर केवल समस्याओं का समाधान नहीं करता, बल्कि ऐसी नई संभावनाएं भी पैदा करता है, जो समाज और देश के विकास में योगदान दें।
उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, तकनीकी एवं स्टार्टअप संबंधी अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
विशेषज्ञों से विद्यार्थियों ने किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर संवाद किया और स्टार्टअप एवं नवाचार से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं के उत्तर प्राप्त किए।
इंडक्शन प्रोग्राम ने नए विद्यार्थियों को उनके इंजीनियरिंग जीवन की शुरुआत में नई सोच, नवाचार, तकनीकी कौशल और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में अपने तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने और भविष्य में नए स्टार्टअप एवं नवाचार विकसित करने का उत्साह देखने को मिला।
