हाजीपुर, वैशाली। जिले के चेहराकलां प्रखण्ड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुस्तफापुर उर्दू के प्रांगण में विद्यालय के छात्रों द्वारा बाल संसद की कार्यवाही का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक रूप से की गई, जिसमें बाल संसद के विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन किया। बच्चों ने मंत्री, अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों की भूमिका निभाते हुए विद्यालय से जुड़ी समस्याओं एवं उनके समाधान पर चर्चा की। स्वच्छता, अनुशासन, नियमित उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता तथा खेल-कूद जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्नोत्तर एवं विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर नोडल शिक्षक टिंकू ठाकुर ने बाल संसद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे बच्चों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
प्रधानाध्यापक मो० सेराजुल हक़ फैजी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
संयोजक शिक्षक मो० नसीम अख्तर ने कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा बच्चों को लोकतांत्रिक मूल्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय के अन्य शिक्षकगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय के शिक्षक मो० इस्लाम, मो० तस्बीहुज जमा, अजमत प्रवीन, अंजुम आरा, उषा कुमारी, सारिका कुमारी ने सामूहिक बयान में कहा कि बाल संसद का आयोजन बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर लोकतंत्र की समझ देने का एक सराहनीय प्रयास है। इससे उनमें नेतृत्व, संवाद कौशल और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि बाल संसद जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि वे सामाजिक और नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करते हैं।
