न्यूज़ डेस्क, वैशाली। ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ होने के साथ ही संभावित आपदाओं—जैसे लू (हीट वेव), अग्निकांड, जल संकट तथा आगामी मानसून में संभावित बाढ़—को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह(भा.प्र.से.)के निर्देश पर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय हो गया है। इन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित तकनीकी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा कहा गया है कि ऐसी स्थिति में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (PHED) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। अतः विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं अन्य तकनीकी कर्मियों की मुख्यालय में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
कार्यपालक अभियंता, PHED, हाजीपुर को निर्देशित किया गया है कि वैशाली जिलान्तर्गत सभी बंद पड़े चापाकलों की अविलंब मरम्मति कर उन्हें चालू कराया जाए तथा नल-जल योजना के अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं से नियमित एवं सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। यदि किसी भी स्थान पर कोई पंप खराब या बंद पाया जाता है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल ठीक कर संचालन में लाया जाए।
इसके अतिरिक्त, जिले में सुगम एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यपालक अभियंता, वैशाली पथ प्रमंडल, हाजीपुर, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), हाजीपुर, महुआ एवं महनार को निर्देश दिया गया है कि सभी सड़कों का आवश्यक निर्माण एवं मरम्मति कार्य शीघ्र पूर्ण कर उन्हें सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि आमजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ 2026 के दृष्टिगत कार्यपालक अभियंता, बाढ़ एवं जल निस्सरण प्रमंडल, लालगंज को निर्देश दिया गया है कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व सभी तटबंधों की मरम्मति कार्य पूर्ण कर ली जाए तथा कटाव संभावित क्षेत्रों में नदी किनारे सुरक्षा के समुचित उपाय सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, इन कार्यों की प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन निर्धारित समयावधि के भीतर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को यह भी निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं अन्य तकनीकी कर्मियों के साथ स्वयं भी मुख्यालय में आवासन सुनिश्चित करें। साथ ही सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने सरकारी एवं निजी मोबाइल नंबर 24×7 चालू रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित संपर्क स्थापित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, सभी कार्यपालक अभियंता अपने अधीनस्थ कर्मियों की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति से संबंधित प्रतिवेदन प्रतिदिन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उपर्युक्त सभी निर्देशों का अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या निर्देशों की अवहेलना की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
