न्यूज़ डेस्क, वैशाली। वैशाली जिले में बाल श्रम उन्मूलन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए जिला पदाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह(भा.प्र.से.)के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय विशेष धावादल द्वारा व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान हाजीपुर स्टेशन परिसर, कोच रेस्टोरेंट, फूड ट्रैक भोजनालय, हाजीपुर भोजनालय सहित रामाशीष चौक स्थित विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में संचालित किया गया।
निरीक्षण के दौरान धावादल की टीम ने प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों की गहन जांच की तथा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियम) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अनुपालन की स्थिति का आकलन किया। संतोषजनक रूप से निरीक्षण के क्रम में किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक कार्यरत नहीं पाया गया, जो कि जिले में चल रहे सतत जागरूकता एवं प्रवर्तन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
इस विशेष निरीक्षण अभियान में हाजीपुर, चेहराकलां, देसरी, बेलसर एवं वैशाली प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। टीम द्वारा सभी नियोजकों को बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियम) अधिनियम, 1986 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू होने वाले दंडात्मक प्रावधानों से अवगत कराया गया। साथ ही, सभी प्रतिष्ठान संचालकों से भविष्य में किसी भी प्रकार से बाल श्रमिकों को नियोजित नहीं करने एवं बाल श्रम को हतोत्साहित करने हेतु शपथ पत्र भी भरवाया गया।
श्रम अधीक्षक, वैशाली ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में बाल श्रम उन्मूलन हेतु सतत एवं सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह जिला स्तरीय धावादल द्वारा विभिन्न प्रखंडों के बाजारों, प्रतिष्ठानों एवं अन्य संभावित स्थलों पर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक नियोजित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी, वैशाली ने जिले के सभी नागरिकों, अभिभावकों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय में है, न कि कार्यस्थलों पर। अतः कोई भी व्यक्ति बाल श्रमिकों को नियोजित न करें और न ही इस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा दें। यदि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन, वैशाली द्वारा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा, ताकि बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित बचपन का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके तथा जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
