न्यूज़ डेस्क, वैशाली। जिला पदाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार जिले में किसानों को उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी के उद्देश्य से थोक एवं खुदरा उर्वरक प्रतिष्ठानों के गोदामों में भंडारित उर्वरकों की मात्रा का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी , प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक सह कृषि समन्यवक द्वारा विभिन्न थोक उर्वरक प्रतिष्ठानों के गोदामों का निरीक्षण दैनिक रूप से किया जा रहा है तथा पोस स्टॉक एवं भंडार पंजी से मिलान करते हुए उर्वरकों की उपलब्ध मात्रा का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
सत्यापन के दौरान प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण पाया गया। उपलब्ध स्टॉक के अनुसार जिले में लगभग यूरिया – 14008 मीट्रिक टन, डीएपी – 7,398 मीट्रिक टन, एमओपी – 4435 मीट्रिक टन, एनपीकेएस – 13,265 मीट्रिक टन सहित अन्य उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध पाया गया। कुल मिलाकर जिले में हजारों मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिससे किसानों को उर्वरक की कमी नहीं होगी।
निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों द्वारा उर्वरकों के भंडारण की स्थिति, स्टॉक रजिस्टर का संधारण, उर्वरक वितरण की प्रक्रिया तथा किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया गया कि उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा किसी भी स्थिति में कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
विगत माह एवं आज तक कुल 483 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। औचक निरीक्षण के क्रम में 47 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर अनियमितता पाई गई है। जिसमें से 2 पर प्राथमिकी, 9 की उर्वरक प्राधिकार पत्र को रद्द, 12 का निलंबन एवं शेष से स्पष्टीकरण पृच्छा की गई।
मेसर्स परी कृषि उद्यमी सेवा केंद्र, प्रो- श्री कुंदन कुमार ठाकुर, ग्राम पोस्ट – नयागंज, थाना – देसरी, प्रखंड सहदेई बुजुर्ग के विरुद्ध घोर अनियमितता, कृषकों के नाम पर यूरिया उर्वरक की बिक्री कर कालाबाजारी के आरोप में देसरी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मेसर्स छोटू फर्टिलाइजर्स, ग्राम – कोबा महमदपुर, प्रखंड – लालगंज के उर्वरक अनुज्ञप्ति को रद्द कर दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें तथा समय-समय पर गोदामों का निरीक्षण करते रहें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कृषि कार्य के लिए उर्वरकों की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए जिला प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है तथा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
