न्यूज़ डेस्क, वैशाली। वैशाली जिला अंतर्गत परिसमापनाधीन दि वैशाली शहरी विकास को-ऑपरेटिव बैंक लि०, हाजीपुर के परिसमापन कार्यों में जिला पदाधिकारी सह-परिसमापक श्रीमती वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के पदभार ग्रहण करते ही उल्लेखनीय तेजी देखी जा रही है। प्रशासन द्वारा इस प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से संपादित करने हेतु ठोस कदम उठाए गए हैं।
परिसमापक के निर्देशानुसार बैंक के मुख्यालय, हाजीपुर सहित इसकी सभी शाखाओं—जन्दाहा, लालगंज तथा महुआ स्थित विस्तार पटल—में परिसंपत्तियों की विस्तृत इन्वेंट्री प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी के माध्यम से अभिलेखीकरण भी किया जा रहा है।
त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से प्रत्येक शाखा के लिए एक-एक दण्डाधिकारी, लिपिक एवं कार्यपालक सहायक की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों के निष्पादन हेतु उत्तरदायी होंगे।
जिला पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि इन्वेंट्री की संपूर्ण प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूर्ण की जाए, ताकि इसके उपरांत की कार्यवाही—जैसे परिसंपत्तियों का मूल्यांकन, देनदारियों का निर्धारण एवं भुगतान प्रक्रिया—त्वरित गति से आगे बढ़ाई जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक के जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, बैंक के बकाया ऋणों की वसूली के लिए त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
इन्वेंट्री प्रक्रिया के अंतर्गत सूचीबद्ध की गई सभी परिसंपत्तियों को सुरक्षित रूप से परिसमापक कार्यालय अथवा निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके पश्चात प्रशासन द्वारा बैंक की परिसंपत्तियों, देनदारियों एवं खातों का समग्र मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि जमाकर्ताओं को भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जा सके।
जिला प्रशासन, वैशाली द्वारा इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है, जिससे आमजन में विश्वास बहाल हो और जमाकर्ताओं के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
