न्यूज़ डेस्क, वैशाली। जिलाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह के नेतृत्व में आम नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित और स्थानीय स्तर पर समाधान के उद्देश्य से आयोजित किए जाने वाले पंचायत स्तरीय ‘सहयोग शिविर’ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को इन शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा 19 मई से 20 अक्टूबर 2026 तक पंचायत स्तरीय सहयोग शिविरों के संचालन हेतु रोस्टर के अनुसार प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर संयुक्त आदेश जारी किया गया है। इसके अंतर्गत प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला स्तरीय विभागीय पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मियों को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं।
निर्देश के अनुसार शिविर की तिथि से एक माह पूर्व से ही आवेदन प्राप्त किए जाएंगे तथा यथासंभव शिविर की निर्धारित तिथि तक उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। शिविर के दिन संबंधित विभागों के अधिकारी निर्धारित स्थल पर उपस्थित रहकर आवेदकों को उनके मामलों पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
सभी आवेदन एवं शिकायतों का पंजीकरण, डिजिटलीकरण तथा आवश्यकतानुसार ‘शिविर संवाद समाधान पोर्टल’ के माध्यम से अद्यतन किया जाएगा। जिला स्तरीय विभागीय पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पंचायत स्तर पर आयोजित कम-से-कम दो शिविरों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, वैशाली को प्रत्येक चिन्हित शिविर स्थल पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं सभी विभागों को अपनी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित पोस्टर, बैनर एवं सूचना सामग्री प्रदर्शित करने को कहा गया है, ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी मिल सके।
शिविरों के संचालन, अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण हेतु कुन्दन कुमार को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों के लिए अपर समाहर्त्ता, अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर, महनार एवं महुआ सहित कई वरीय पदाधिकारियों को अध्यक्षता का दायित्व सौंपा गया है।
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि पंचायत सहायता शिविर आम लोगों की समस्याओं के स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम साबित होगा। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को शिविरों का संचालन पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि आदेशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
