दीपेन्द्र प्रजापति / बीरगंज, नेपाल, 02 भाद्र। बीरगंज महानगरपालिका में लंबे समय से शिक्षा शाखा प्रमुख के रूप में कार्यरत आनंद लामिछाने ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और चल रही आंतरिक जांच से बचने के लिए इस्तीफे का झूठा नाटक रचा है। यह खुलासा कार्यवाहक नगर प्रमुख के सचिवालय द्वारा सार्वजनिक किए गए तथ्यों से हुआ है।
हाल ही में विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों में लामिछाने ने दावा किया था कि उन्होंने कार्यवाहक नगर प्रमुख इम्तियाज आलम के निर्देशों के अनुसार काम नहीं कर पाने के कारण पद से इस्तीफा दिया है। हालांकि, कार्यवाहक नगर प्रमुख के सचिवालय ने उनके इस दावे को भ्रामक बताते हुए वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है।
सचिवालय के अनुसार, उपमहापौर आलम द्वारा कार्यवाहक नगर प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के बाद विभिन्न विद्यालयों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों की ओर से आनंद लामिछाने के खिलाफ कई गंभीर लिखित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने विभिन्न शैक्षिक कार्यों को पूरा करने के बदले धनराशि की मांग की और पैसा न मिलने पर उन कार्यों को लंबे समय तक लंबित रखा। शिकायतों के आधार पर कार्यवाहक नगर प्रमुख आलम तथा प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत ने उनसे मौखिक स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद महानगरपालिका ने 14 साउन को चलानी नंबर 579 के पत्र के माध्यम से उन्हें शिक्षा शाखा प्रमुख के पद से हटा दिया था।
महानगरपालिका ने उनकी जगह अस्थायी रूप से उसी कार्यालय में कार्यरत सृजना बुढाथोकी को जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, वर्तमान में वह अवकाश पर हैं।
सचिवालय का आरोप है कि अपने कथित गलत कार्यों को छिपाने, महानगरपालिका की आंतरिक जांच को प्रभावित करने तथा मामले को राजनीतिक रंग देकर कार्यवाहक नगर प्रमुख की छवि खराब करने के उद्देश्य से लामिछाने मीडिया में भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। कार्यवाहक नगर प्रमुख के प्रेस सलाहकार सदाब हुसैन ने कहा, “यदि आनंद लामिछाने ने वास्तव में इस्तीफा दिया है, तो उनका इस्तीफा पत्र कहाँ है? उन्हें उसे सार्वजनिक करना चाहिए।”
उन्होंने पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से अपील करते हुए कहा कि बिना पुष्टि और प्रमाण के किसी भी दावे को प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि तथ्यों की पुष्टि करना पत्रकारिता का पहला धर्म है। सचिवालय के अनुसार, कार्यवाहक नगर प्रमुख इम्तियाज आलम ने अपने कार्यकाल में शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए आंतरिक जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। सदाब हुसैन ने कहा, “यदि आनंद लामिछाने निर्दोष हैं तो उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए, न कि झूठी कहानियाँ गढ़कर मीडिया में भ्रम फैलाना चाहिए। यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।”
