न्यूज़ डेस्क, वैशाली। एक ओर जहां पूरा देश मजदूर दिवस मना रहा है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में 102 एम्बुलेंस कर्मी लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे इन कर्मियों को न तो पर्याप्त वेतन मिल रहा है और न ही समय पर भुगतान हो पा रहा है, जिससे उनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है।
इस संबंध में एम्बुलेंस एसोसिएशन वैशाली जिला अध्यक्ष मणि कुमार का कहना है कि सरकार की ओर से मजदूर दिवस के अवसर पर छुट्टी की घोषणा की गई, लेकिन एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ड्यूटी पर तैनात रहे। इसके बावजूद उन्हें महीनों से वेतन नहीं मिला है।
आरोप है कि 102 एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रही ZEN-PLUS कंपनी द्वारा कर्मियों का वेतन भुगतान लंबित रखा गया है। इस संबंध में जब जिला के संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जाती है, तो हर बार 5 दिन या एक सप्ताह का आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है।
एम्बुलेंस कर्मियों ने बताया कि लगातार वेतन नहीं मिलने के कारण वे अब भूखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। परिवार के भरण-पोषण में भारी कठिनाई हो रही है, बावजूद इसके वे मरीजों की सेवा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत रहे हैं।
कर्मियों ने जिला पदाधिकारी और सिविल सर्जन से मांग की है कि जल्द से जल्द उनके लंबित वेतन का भुगतान कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे संगठन के माध्यम से हड़ताल करने को बाध्य होंगे।
मजदूर दिवस के अवसर पर जहाँ श्रमिकों के सम्मान की बात की जाती है, वहीं इन कर्मियों को नगण्य वेतन और वह भी समय पर न मिलने के कारण परिवार के भरण-पोषण में भारी कठिनाई हो रही है। जोखिम भरे कार्य और दिन-रात की ड्यूटी के बावजूद विभाग और एजेंसी की यह संवेदनहीनता कर्मियों के मनोबल को तोड़ रही है और श्रमिकों के सम्मान और हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है, जो व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
