न्यूज़ डेस्क वैशाली। जिला पदाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह(भा.प्र.से.)के कर-कमलों द्वारा आज सदर अस्पताल, हाजीपुर में “जियो नन्ही परी” अभियान के अंतर्गत एक गरिमामय कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नवजात बालिकाओं (नन्हीं परियों) एवं उनके अभिभावकों को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी महोदया द्वारा लाभार्थियों के बीच “जियो नन्ही परी” शुभकामना संदेश, बेबी किट एवं जच्चा-बच्चा किट वितरित किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना, उनके स्वास्थ्य, पोषण एवं समुचित देखभाल को सुनिश्चित करना तथा समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी महोदया ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि “जियो नन्ही परी” अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकल्प है, जिसके माध्यम से बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, नियमित टीकाकरण एवं स्वच्छता के प्रति विशेष सजग रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान कुल 13 नवजात बालिकाओं के अभिभावकों के बीच प्रोत्साहन सामग्री का वितरण किया गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी महोदया द्वारा निम्नलिखित शुभकामना संदेश सभी अभिभावकों को पढ़कर सुनाया गया—
“यह एक अपार सौभाग्य की बात है कि आपके परिवार में कन्यारत्न ने जन्म लिया है। जिला प्रशासन, वैशाली आपकी प्यारी सी पुत्री के आगमन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता है। ईश्वर करें कि यह खूबसूरत आशीर्वाद आपके जीवन में नई आशा, असीम प्रेम और अनंत आनंद भर दे। हम आपकी पुत्री के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं समान अवसरों के अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप अपनी नन्ही परी का लालन-पालन बड़े प्यार-दुलार से करेंगे तथा उसके सपनों की नई उड़ान में भागीदार बनेंगे।
शुभकामनाओं सहित।
बहुत-बहुत बधाई!!
पुत्री प्राप्ति की पुनः बहुत-बहुत शुभकामनाएं”
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी के समन्वित प्रयास से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित किया गया।
अंत में जिला प्रशासन, वैशाली द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे इस अभियान से जुड़कर बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के भागीदार बनें।
