न्यूज़ डेस्क, वैशाली।आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय- 2″ के तहत वैशाली जिले में दूसरे दिन मध्य विद्यालय मथुरा, पंचायत- मथुरा सुल्तानपुर में एक दिवसीय पशु बांझपन निवारण शिविर एवं पशुपालन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्घाटन सरपंच शैलेन्द्र सिंह ने फीता काटकर किया। इस शिविर में कुल 57 पशुपालकों के 191 पशुओं का निःशुल्क इलाज करते हुए आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। पशुओं के रख-रखाव, बांझपन के कारणों और उसके निवारण के बारे में डॉ. धर्मवीर सिंह, भ्रमणशील पशुचिकित्सा पदाधिकारी, गोकुला ने पशुपालकों को विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में डॉ. धर्मवीर सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार (भ्रमणशील पशुचिकित्सा पदाधिकारी, बिदुपुर), डॉ. रंजू कुमारी (MVU प्रभारी, विदुपुर), पारा वेट अनोज कुमार, परिचारी निकेत कुमार (पशु चिकित्सालय गोकुला), नवनीष कुमार, मैत्री गोलू कुमार, अजीत कुमार, मंजीत कुमार, सुभाष चंद्र रॉय सहित कई पशु चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे।
पशुपालकों में सुमन सिंह, अमोद सिंह, मुकेश कुमार, मंजेश कुमार पासवान, हरेंद्र राय, लालदेव सिंह, संत किशोर सिंह, उत्तम चंद्र कुमार, ममता देवी, सुनीता देवी, उषा देवी आदि ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शिविर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। शिविर का सजीव निरीक्षण डॉ. प्रभावती कुमारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, वैशाली द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविरों से पशुपालकों को काफी लाभ मिलता है और पशुओं में बांझपन की समस्या से निपटने में मदद मिलती है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए ऐसे शिविरों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की है। जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग का कहना है कि आगे भी इस तरह के जागरूकता एवं उपचार शिविर जिले के अन्य गांवों में लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक लाभान्वित हो सकें। इस शिविर ने पशुपालन के क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया है।
