न्यूज़ डेस्क, वैशाली। जिला पदाधिकारी, वैशाली वर्षा सिंह(भा.प्र.से.)की अध्यक्षता में समाहरणालय कक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य में दिनांक 28 फरवरी 2026 से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है, जिसका शुभारंभ वैशाली जिले में भी उसी दिन किया गया। इस अभियान के तहत 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु वर्ग की बालिकाओं को गार्डासिल वैक्सीन की एकल खुराक दी जा रही है, जिसका लक्ष्य शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
समीक्षा के दौरान टीकाकरण की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों—जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा), आईसीडीएस, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य)—को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हर हाल में सुनिश्चित करें।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के साथ बैठक कर 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं की सूची तैयार कर शीघ्र टीकाकरण सुनिश्चित करें। साथ ही, आंगनवाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं जीविका दीदियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि यह टीका पूर्णतः सुरक्षित है तथा विश्व के कई देशों में पहले से ही इसका उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विभिन्न माध्यमों से इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता की पुष्टि की गई है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यह टीकाकरण सेवा सदर अस्पताल, हाजीपुर, अनुमंडलीय अस्पताल महुआ एवं जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है।
जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि अभियान की प्रतिदिन संध्या में समीक्षा की जाएगी तथा जिन प्रखंडों की उपलब्धि लक्ष्य से कम पाई जाएगी, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।
अंत में जिला पदाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बालिकाओं को इस महत्वपूर्ण टीकाकरण से अवश्य आच्छादित कराएं, ताकि उन्हें भविष्य में गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
