Suspicious Camera Recovered on Hajipur-Muzaffarpur Rail Section; Security Agencies on High Alert
वैशाली। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर सराय स्टेशन के आगे समपार ढाला संख्या-43 सी स्पेशल के पास लगे सिग्नल टावर से एक संदिग्ध इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) कैमरा बरामद होने के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि रेल एसपी ने फिलहाल आतंकी कनेक्शन होने से इंकार किया है और पूरे मामले की गहन जांच की बात कही है।
जानकारी के अनुसार सोलर सिस्टम से संचालित यह कैमरा इंटरनेट के माध्यम से चल रहा था। गुमटीमैन को सिग्नल टावर पर लगे कैमरे पर शक हुआ, जिसके बाद उसने स्टेशन मास्टर को सूचना दी। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले हरियाणवी बोलने वाला एक संदिग्ध युवक समपार फाटक पर पहुंचा था और खुद को किसी एनजीओ से जुड़ा बताते हुए टावर पर कैमरा फिट कर चला गया था।
सूचना मिलने के बाद सराय स्टेशन के स्टेशन मास्टर मनोज कुमार सिंह ने तुरंत आरपीएफ को जानकारी दी। इसके बाद मामला जीआरपी हाजीपुर और मुजफ्फरपुर को भेजा गया। प्रारंभिक जांच में कैमरे को उतरवाकर सुरक्षित रखा गया और बाद में रेल डीएसपी सोनपुर सहकार खान के नेतृत्व में जीआरपी टीम ने जांच शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक कैमरे में 4जी सिम लगा हुआ था और यह मूवेबल आईपी कैमरा था, जिसे मोबाइल के जरिए दूर से ऑपरेट किया जा सकता था। कैमरा रेलवे ट्रैक के साथ-साथ सड़क मार्ग की भी निगरानी कर रहा था। पुलिस ने कैमरे से करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग भी निकाली है।
मामले में यह भी चर्चा है कि जांच के दौरान कैमरे में आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर मिली है, हालांकि इसकी अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं आईपी एड्रेस की जांच में कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से कनेक्शन जुड़ा होने की बात सामने आई है।
इस संबंध में स्टेशन मास्टर के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर रेलवे मुख्यालय को सूचना भेज दी गई है। रेलवे पुलिस, तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। रेल एसपी ने कहा है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और हर पहलू की जांच की जा रही है।
