न्यूज़ डेस्क, वैशाली। ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह द्वारा जिले के बिदुपुर में जागो साहेब कवीर मठ में पहुंच वहाँ रखी प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं सांस्कृतिक धरोहरों में खड़ाऊ, पालकी, शंख इत्यादि का निरीक्षण करते हुए इसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना।
प्राप्त पांडुलिपि में पुराने भारतीय अभिलेख एवं कबीर जी का प्रथम विजक महत्वपूर्ण हैं। कुछ पांडुलिपि में विभिन्न प्रकार के उपयोगी मंत्र और मंत्र द्वारा बीमारियों के समाधान की पद्धति भी मिली। इसको लेकर जिला पदाधिकारी, वैशाली ने डिजिटलीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया। इस मौके पर महंथ आचार्य रविन्द्र दास ने जिलापदाधिकारी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वहीं जिलापदधिकारी द्वारा भी अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर महंथ जी को सम्मानित किया।

इस मौके पर महंथ रविन्द्र दास ने बताया कि यह मठ कबीर साहब के शिष्य जागो साहब के नाम पर आठवा शिष्य हाथीराम साहब द्वारा 350 वर्ष पूर्व स्थापना की गई थी। उन्होंने महंथ जी के खड़ाऊ को दिखाते हुए कहा कि यह प्राचीन खड़ाऊ इस मठ की धरोहर है। वहीं उन्होंने जिलापदाधिकारी से डिग्री कॉलेज हेतु जमीन देने का प्रस्ताव भी रखा वही उन्होंने जमीन को अतिक्रमण कराने की भी माँग की। जिसपर उन्होंने अंचलाधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिलापदाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत प्रशासन का उद्देश्य है कि अपनी धरोहरों को सुरक्षित संरक्षित करते हुए डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील किया कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां, हस्तलिखित ग्रंथ, पुराने दस्तावेज, ऐतिहासिक अभिलेख, ताम्रपत्र अथवा सांस्कृतिक महत्व की अन्य सामग्री उपलब्ध हो, तो वे इसकी सूचना जिला प्रशासन को अवश्य दें। जिला प्रशासन द्वारा इन धरोहरों का सुरक्षित संरक्षण एवं डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।
इस मौके पर बीडीओ कुमार मनीष भारद्वाज, अंचलाधिकारी करिश्मा कुमारी, बीपीआरओ निशांत कुमार मुखिया प्रतिनिधि बिदुपुर ब्रज किशोर सिंह, दिलीप कुमार के अलावा कई पदाधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।
