न्यूज़ डेस्क, वैशाली। बिदुपुर प्रखंड के रहिमापुर पंचायत में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के अंतर्गत हर घर नल-जल योजना की जमीनी हकीकत अब गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि राज्य के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे और लोगों को पानी की समस्या से निजात मिल सके।
शुरुआती दौर में इस योजना को लेकर काफी उम्मीदें थीं और कई क्षेत्रों में यह योजना सफल भी रही। लेकिन रहिमापुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 में यह योजना शुरुआत से ही बदहाल स्थिति में नजर आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस योजना का निर्माण कार्य कई योजनाओं को खोलकर तो किसी तरह पूरा कर दिया गया, लेकिन इसकी गुणवत्ता और क्रियान्वयन में भारी लापरवाही बरती गई। नल लगाए गए, पाइप बिछाए गए, लेकिन पानी कभी नियमित रूप से लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाया।
ग्रामीण बताते हैं कि योजना “शुरू होने से पहले ही बंद” जैसी स्थिति में रही। यह योजना कागजों पर तो पूरी दिखती है, लेकिन हकीकत में पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी। इसके लिए आवेदन भी दिए गए थे, मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। किसी भी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं किया गया।
भीषण गर्मी के इस समय में स्थिति और भी भयावह हो गई है। जिन परिवारों के पास अपना समरसेबल या निजी जल स्रोत नहीं है, उन्हें काफी समस्या हो रही है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि सरकार की इतनी महत्वपूर्ण योजना उनके लिए केवल एक “दिखावा” बनकर रह गई है। लोगों का कहना है कि पूर्व में बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अब उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी है।
स्थानीय निवासी यह भी कहते हैं कि अगर समय रहते इस योजना की मरम्मत और सही संचालन नहीं किया गया, तो इसका कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। सरकार की मंशा अच्छी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही और निगरानी की कमी के कारण यह योजना लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है।
इस संबंध में वार्ड सदस्य सोमनाथ सिंह ने बताया कि कई बार पंचायत सचिव को बोला गया है वरीय पदाधिकारी को भी सूचना दी गई है यहाँ तक कि आवेदन भी दिया गया है जिसमें ग्रामीणों का हस्ताक्षर भी किया गया था इसके बाद भी अनदेखी कर दी गई। जिसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
