न्यूज़ डेस्क, वैशाली। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज दिनांक 10 अप्रैल 2026 को जिला पदाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त वैशाली भी उपस्थित रहे, जिसमें प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक के पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे ।
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, विद्युत कार्यपालक अभियंता (हाजीपुर एवं महुआ), जिला विकास पदाधिकारी, BREDA के अभियंता, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, लीड बैंक प्रबंधक (LDM), शिवांश एनर्जी इंफ्रा प्रा. लि. के प्रतिनिधि, फेलिसिटियस एनर्जी के परियोजना प्रबंधक, महुआ एवं लालगंज नगर परिषद के अध्यक्ष सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी बीडीओ को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने पंचायत सचिवों की सहभागिता भी सुनिश्चित कराएं।
बैठक में पीएम सूर्यघर योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। विद्युत विभाग द्वारा जानकारी दी गई, जिसमें 1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट एवं उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पर मिलने वाली सब्सिडी तथा पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ स्थानों पर बैंक ऋण स्वीकृति में विलंब हो रहा है। इस पर जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकों के नोडल पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करते हुए लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वैशाली जिले के सभी 278 पंचायतों एवं सभी नगर निकायों में सोलराइजेशन कार्य को मिशन मोड में तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त रूफटॉप क्षेत्र वाले घरों की पहचान कर लाभुकों को योजना से जोड़ने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उप विकास आयुक्त ने भी निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें तथा योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे आम नागरिकों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाते हुए वैशाली जिले को सोलराइजेशन के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बनाया जाए।
