न्यूज़ डेस्क, वैशाली। जिलाधिकारी वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के निर्देश पर जिले में अंचलाधिकारियों की हड़ताल के बावजूद किसी भी प्रकार से राजस्व से संबंधित कोई भी कार्य बाधित नहीं है तथा वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से सभी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित है।
इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुए विभिन्न अंचलों में अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्य निर्बाध रूप से जारी हैं। उपलब्ध कर्मियों को जिम्मेदारी देकर कार्यों में तेजी जारी है।
जिलाधिकारी महोदया द्वारा जारी प्रभार व्यवस्था के अनुसार—
श्री मणि कुमार वर्मा, अंचल अधिकारी महुआ को चेहराकला का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
श्री प्रभात, अंचल अधिकारी पातेपुर को गोरौल अंचल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
श्री सुरेन्द्र पासवान, राजस्व अधिकारी पातेपुर को जंदाहा अंचल का अतिरिक्त प्रभार का दायित्व दिया गया है।
सुश्री निशा यादव, राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो, बंदोबस्त कार्यालय वैशाली को राजापाकर का प्रभार दिया गया है।
श्री अमर कुमार सिन्हा, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी वैशाली को महनार एवं सहदेई बुजुर्ग अंचल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
सुश्री रवीना गुप्ता, राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो बंदोबस्त कार्यालय को देसरी अंचल का प्रभार सौंपा गया है।
श्री उदय कुमार, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी वैशाली को हाजीपुर अंचल का प्रभार दिया गया है।
श्री राजीव रंजन चौधरी, राजस्व अधिकारी वैशाली को बिदुपुर एवं राघोपुर अंचल का प्रभार दिया गया है।
श्री शुभेन्द्र झा, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को भगवानपुर अंचल का दायित्व सौंपा गया है।
श्री राकेश कुमार, अंचल अधिकारी वैशाली को लालगंज अंचल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
श्री रामेश्वर सिंह, राजस्व अधिकारी पटेढ़ी बेलसर को पटेढ़ी बेलसर अंचल का दायित्व दिया गया है।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों को बिना ठोस कारण के वापस नहीं किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले अंचलों में नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और आम जनता को त्वरित एवं पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हड़ताल के बावजूद प्रशासन की प्राथमिकता आमजन को निर्बाध सेवा देना है, और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
