रिपोर्ट:रौशन यादव, सर्लाही। भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के संचालन पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ सर्लाही में 7 दलों ने कड़ा विरोध जताया है। आज जिले में आयोजित सर्वदलीय बैठक ने नेपाल सरकार के इस निर्णय पर गंभीर आपत्ति व्यक्त करते हुए इसे तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की।
बैठक में कहा गया कि भारत–नेपाल के बीच सदियों से चले आ रहे “बेटी–रोटी” संबंधों पर इस निर्णय का नकारात्मक असर पड़ेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के दैनिक जीवन, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की बात भी कही गई।
सर्वदलीय प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि लंबे समय से सर्लाही के स्थानीय लोग 30 किलोमीटर क्षेत्र के भीतर भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों का सहज आवागमन करते आ रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन कार्यालय द्वारा शांति सुरक्षा के नाम पर इस व्यवस्था को बंद करने की कोशिश पर आपत्ति जताई गई है। साथ ही बिना भंसार (कस्टम) के वाहन संचालन पर रोक लगाने की मानसिकता पर भी असंतोष व्यक्त किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिला प्रशासन कार्यालय से भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों को पूर्ववत संचालन की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।
विज्ञप्ति पर नेकपा (एमाले) के जिला अध्यक्ष राजनारायण साह, नेकपा के जिला इंचार्ज अच्युतम काफ्ले, राप्रपा नेपाल के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के जिला अध्यक्ष रामप्रसाद यादव, राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी नेपाल के जिला अध्यक्ष गणेश कुमार यादव, जसपा के जिला अध्यक्ष शम्भु यादव तथा उज्यालो नेपाल के जिला उपाध्यक्ष राम स्वार्थ महतो ने हस्ताक्षर करते हुए करा विरोध जताया हैं।
