न्यूज़ डेस्क, बिदुपुर। बिदुपुर के मधुरापुर में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा यज्ञ में संबोधित करते हुए कथा वाचक चंदन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान राम का अवतरण के बारे में गोस्वामी तुलसी दास ने विप्र धेनु सुर संत के हित के लिए हुआ है।
विप्र से तात्पर्य जो समाज के विशिष्ट प्रतिभावान है उनकी रक्षा और सेवा करना , समाज के कारोबार ,भले लोग आदि की रक्षा करना बताया है ।राम के जीवन की हर घटना और राम के द्वारा किए गए हर कार्य हमारे लिए अनुकरणीय है जिससे हम अपना पारिवारिक सामाजिक और राजनीतिक जीवन को उच्च बना सकते है।
राम ने सामाजिक समानता की पहल की राज परिवार की विशिष्टता को समाप्त किया राजा का धर्म ऐसा निभाया जो कि राज तंत्र आज के लोकतंत्र से बेहतर रहा । हर जाति हर वर्ग के लोगों को व्यापक सम्मान दिया। पराक्रम,पुरुषार्थ और वीरता दिखाने में कही संकोच नहीं किया वही विनम्रता का मिसाल कायम किया।
मित्रता और शत्रुता का अनूठा उदाहरण पेश किया ।अहिल्या का उद्धार किया ,शबरी के झूठे फल खाए ,निषाद राज को गले लगाया , उन्होंने कौशल्या के समक्ष भगवान के अवतरण और शिशु रूप धारण करने का प्रसंग को तरह बताया कि लोग मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे। कथा के बीच बीच में राम संजीवन, तुलसी बल्लभ, मुरारी दीप कमल भजन मंडली सुंदर भजन गाकर श्रोताओं को विभोर करते रहे।
मालूम हो कि भागवत कथा से पूर्व पंडित मनीष तिवारी, पंडित सिद्धार्थ पाण्डेय, पंडित अमरेश मिश्रा आदि द्वारा कलश पूजन, गणेश पूजन के साथ साथ अन्य देवी देवताओं का पूजन अभिषेक आदि वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया। भागवत कथा यज्ञ के आयोजन में मुख्य यजमान कुमार विशाल, नूतन झा, पूनम झा आदि काफी सक्रिय रहे ।
