न्यूज़ डेस्क,बिदुपुर(वैशाली)। बिदुपुर थाना क्षेत्र में ऐतवार शनीचर पर्व पर गंगा स्नान और पूजन के लिए आई 14 वर्षीय किशोरी की डूबने से मौत हो गई। यह घटना रविवार सुबह बिदुपुर थाना क्षेत्र के रामदौली आम घाट पर घटी, जहां पीड़िता अपनी मां और मौसी के साथ आई थी। मृतिका की पहचान जहांगीरपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की पुत्री आल्या कुमारी उर्फ परी (14) के रूप में हुई है। वह नौवीं कक्षा की छात्रा थी और तीन बहनों व एक भाई में सबसे छोटी थी।
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परिजनों के अनुसार, आल्या अपनी मां और मौसी के साथ सुबह घाट पर स्नान करने आई थी। मां ने पहले स्नान कर किनारे आकर गंगा माता की पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी, तभी स्नान कर रही आल्या नदी के गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। मौसी के अनुसार, “हम दोनों चिल्ला रहे थे, कलेजा पिट रहे थे, घाट पर मौजूद लोगों से बेटी को बचाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन कोई आगे नहीं आया। हम देखते रह गए और बेटी पानी में समा गई।”
पुलिस और एसडीआरएफ की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बिदुपुर थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) को सूचना दी, हालांकि वीडियो कुमार मनीष भारद्वाज द्वारा वाहन का संसाधन उपलब्ध कराने के बाद ही एसडीआरएफ टीम को भेजा जा सका। तीन घंटे बाद टीम ने शव की तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर गोताखोरी कर नदी में खोजबीन की, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
शिव भक्ति में लीन थी आल्या
घाट पर स्थित शिव मंदिर में आल्या की नियमित पूजा-अर्चना को लेकर लोग चर्चा कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस साल ऐसा कोई दिन नहीं गया जब आल्या अपनी मां और मौसी के साथ शिव मंदिर की सफाई और पूजा-अर्चना नहीं करती थी। उसकी असमय मौत ने लोगों के धर्म और कर्म पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मां का बुरा हाल, परिवार में कोहराम
बेटी को नदी में डूबता देख मां की चीख निकल गई और मौके पर अफरातफरी मच गई। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है, मां का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ घाट पर जमा हो गई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
बिदुपुर प्रखंड में डूबने की यह चौथी घटना, लोगों में आक्रोश
बताया जा रहा है कि बिदुपुर प्रखंड क्षेत्र में इस वर्ष अब तक डूबने की यह चौथी घटना है। इससे पहले कष्टहरिया, नवनागर और चेचर में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। अब लोग प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और गोताखोरों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
