न्यूज़ डेस्क वैशाली। एनीमिया फ्री इंडिया फोरम एवं वैशाली समाज कल्याण संस्थान, बिदुपुर बाजार के संयुक्त तत्वाधान में अनीमिया और कुपोषण के खिलाफ वैशाली जिले के चयनित कुछ संस्थाओं के साथ रेडियो गुंज, पकौली, में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान एनीमिया फ्री इंडिया फोरम के राष्ट्रीय समन्वयक प्रमोद शिंदे के द्वारा बतलाया गया कि एनीमिया फ्री इंडिया फोरम (AFIF) भारत में पोषण की कमी से होने वाले एनीमिया से निपटने के लिए भारत के 17 राज्यों के 890 से अधिक संस्थान सरकारी संस्था, एन जी ओ, स्कूल, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय शामिल हो चुके है तथा ये सभी संस्थाये पोषण की कमी से होने वाले एनीमिया के बारे मे ज्ञान, प्रशिक्षण और जैविक पोषण वाटिका निर्माण मे आत्मनिर्भरता और कौशल विकसित कर रही हैं।
अनिमिया याने शरीर मे ऑक्सिजन की कमी और इस ऑक्सिजन की कमी के कारण हम बहुत बड़े नकारात्मक परिणाम भुगत रहे है| जैसे – मातामृत्यु, बालमृत्यु, और बच्चों का पढ़ाई मे ध्यान न लगाना इत्यादि। इसके चलते हमारे बिहार के अनिमिया के आकडे बहोत गंभीर है गुजरात राज्य मे 5 साल से कम उम्र के बच्चे 69.4 % अनेमिक है, तथा 15 से 49 उम्र की महिलाये 57 % और 15 से 19 उम्र की लड़किया 54% अनेमिक है| (NFHS -5) के अनुसार यह आँकड़े सामान्य से अधिक हैI वैशाली जिले में 77% से ज्यादा लोग एनीमिक हैं, यह चिंता का विषय है। हमे मिलकर बिहार को एनीमिया और कुपोषण से बाहर लाना होगा। स्वास्थ्य, पोषण, महिला-बच्चे, सशक्तीकरण, शिक्षा एवं खेती इन मुद्दों के साथ काम कर रहे हो तो आप हमारे साथ एनीमिया फ्री इंडिया फोरम (AFIF) के साथ जुड़े। हम आपका स्वागत करते है।
हम अगर एक दिशा, एक सोच लेकर बिहार मे साथ कार्य शुरू करेंगे तो बिहार को हम जल्द ही अनिमिया मुक्त कर सकते है| एनीमिया और कुपोषण को दूर करने के लिए इसमें हर एक परिवार की भागीदारी जरूरी है। जब तक लोग जागरुक नहीं होंगे तब तक एनीमिया और कुपोषण का प्रतिशत बढ़ता ही जाएगा। इससे बचाव के लिए अपने घरों पर कम जगह में किचन गार्डन के द्वारा इससे मुक्ति पाई जा सकती है। किचन गार्डन के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी साझा की गई। सुपरामेंटल फाउंडेशन के प्रबंधक राजेश कुमार जी कहां की अगर हमें स्वस्थ समाज की कल्पना करनी है तो इस मुद्दे पर कार्य करने की जरूरी है।
वैशाली समाज कल्याण संस्थान के सीईओ कौशल किशोर विकल ने परंपरागत तरीके से खेती करने के बारे में बतलाया। साथ ही परंपरागत साग, सब्जी के बीज की उपलब्धता एवं संकलन के बारे में भी चर्चा किया। बिहार वॉलंटरी हेल्थ एसोसिएशन बिहार के कार्यकारी निदेशक स्वपन मजूमदार जी के द्वारा बी भी एच ए के बारे में विस्तार से बतलाया एवं एनीमिया और पोषाहार पर चर्चा किया। सुरेंद्र कुमार, सी के वीं एस, भूपेंद्र प्रसाद नारायणी सेवा संस्थान, रुनझुन राज जीविका, रिंकी समाधान केंद्र, ऋषिका एवं गरिमा रेडियो गूंज, अंशुमन वैशाली समाज कल्याण संस्थान, प्रिंसका राज, दिया कल्याण फाउंडेशन, रमन कुमार रमणी, धीरेंद्र कुमार एकल अभियान ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में वैशाली समाज कल्याण संस्थान के अंशुमन के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
